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जूट व प्लास्टिक के बारदाने पहुंचे, फिर शुरू होगी खरीदी
भास्कर न्यूज - बालोद
जनवरी में बारदानों की कमी के कारण लगभग 20 दिनों तक धान खरीदी प्रभावित रही। जिले में लगभग 47 केंद्रों में खरीदी ठप हो गई थी। बंद खरीदी शुरू करने के
लिए प्रशासन ने अब जूट के साथ-साथ प्लास्टिक बारदाने की भी सप्लाई की है।
गुरुवार को मार्कफेड से मिली जानकारी के अनुसार 650 गठान लगभग 3 लाख 25 हजार बारदानों की सप्लाई की गई है। डिमांड के हिसाब से अब तक 24 केंद्रों में बारदानों की खेप पहुंच गई है। शेष 13 केंद्रों में धीरे-धीरे आपूर्ति हो रही है। इससे खरीदी व्यवस्था कुछ हद तक संभल रही है। पिछली बार प्लास्टिक बारदाना की क्वालिटी खराब होने की शिकायत मिली थी। मिलर्स ने ऐसे बारदानों के धानों को उठाने से मना कर दिया था। फिर भी शासन ने इस बार फिर प्लास्टिक बारदाना दिया है। शासन का कहना है कि जिले में जूट बारदाने की किल्लत होने के कारण पहले से उपलब्ध प्लास्टिक बारदाना भेजा जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस बार बारदाने देने के साथ-साथ संग्रहण केंद्र प्रभारी व मिलर्स को निर्देश दिया है कि वे सभी बारदानों का धान उठाएं।
वनांचल में खरीदी पिछड़ी
गुंडरदेही, बालोद क्षेत्र में तो धान खरीदी लगभग अंतिम चरण पर है। डौंडी, डौंडीलोहारा व गुरुर क्षेत्र के वनांचल केंद्रों में खरीदी पिछड़ गई है। इसका प्रमुख कारण वहां के किसानों का आधुनिक कृषि यंत्रों की बजाय पुरानी पद्धति से कटाई-मिंजाई करना है। ऐसे इलाकों में आज भी 40 प्रतिशत किसान धान नहीं बेच पाए हैं, जो 15 फरवरी तक धान बेचने आएंगे। इन इलाकों में बारदाना की पर्याप्त आपूर्ति आवश्यक है। वहीं इस बार धान में 300 रुपए बोनस मिलने व सस्ते चावल के कारण ज्यादातर किसान अपनी पूरी उपज बेचने की मंशा बना रहे हैं।
650 गठान पहुंचा
॥पिछले सप्ताह तक बारदाने की कमी थी। अब जूट व प्लास्टिक से बारदाने आ रहे हैं। अब तक 650 गठान बारदाना उपलब्ध हो गया है। जिन समितियों में खरीदी बंद थी, वहां फिर से खरीदी शुरू हो गई है।ञ्जञ्ज
आरएस यादव, डीएमओ बालोद
2९ जनवरी को प्रकाशित
25 जनवरी को प्रकाशित
ञ्चधान खरीदी शुरू करने प्रशासन ने भेजे जूट व प्लास्टिक के बारदाने।
ञ्च24 केंद्रों में गुरुवार तक पहुंचा बारदाना।