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जनपद सदस्य का पद दो साल से खाली, रुका गांवों का विकास
भास्कर न्यूज - सक्ती
जनपद पंचायत सक्ती के क्षेत्र क्रमांक 17 में सदस्य का पद दो साल से भी अधिक समय से रिक्त है। इस क्षेत्र से पिछले चुनाव में निर्वाचित सदस्य की शिक्षाकर्मी में नौकरी लगने के बाद से पद खाली है। रिक्त पद पर अधिकारियों के रवैए के कारण चुनाव नहीं हो पा रहा। ऐसे में पांच गांव में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
जनपद पंचायत सक्ती में 19 जनपद पंचायत क्षेत्र हैं जिनमें क्षेत्र क्रमांक 17 में पिछले चुनाव में गनपत सिदार निर्वाचित होकर पहुंचे थे। जनपद पंचायत में सदस्य रहने के दौरान उन्होंने शिक्षाकर्मी वर्ग 3 की नौकरी लगने के कारण फरवरी 2011 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से वे रायगढ़ जिले में शिक्षाकर्मी की नौकरी कर रहे हैं। गनपत के इस्तीफे के बाद से रिक्त सीट के लिए अब तक चुनाव नहीं करवाया गया है। इस चक्कर में क्षेत्र क्र. 17 के पांच गांव में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इस क्षेत्र में मसनियाकला, रजगा, मरकामगोढ़ी, पतेरापालीखुर्द और अलडीहा गांव शामिल है।
हर जनपद सदस्य को 13 वां वित्त आयोग के तहत साल में दो बार में करीब 2 लाख रुपए विकास कार्य के लिए मिलते हैं। इसी तरह जनपद सदस्य सशक्तिकरण के तहत 2 करोड़ मिलता है जो सभी सदस्यों में बंटता है। इसी मद से जनपद सदस्य अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराते हैं। क्षेत्र क्र. 17 में सदस्य का पद रिक्त होने के कारण उस क्षेत्र के गांवों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
किसी ने नहीं दिया ध्यान
जनपद सदस्य के रिक्त पद के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जब अधिवक्ता गिरधर जायसवाल ने जानकारी मांगी तो जनसूचना अधिकारी ने बाकायदा इस बात का उल्लेख किया कि उक्त क्षेत्र के जनपद सदस्य ने कब और किसको इस्तीफा दिया इस बात की जानकारी कार्यालय को नहीं है। लेकिन जनपद पंचायत में हर माह होने वाली समीक्षा बैठक एवं अन्य विकास कार्य संबंधी बैठक में जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष अन्य सदस्य सहित सीईओ शामिल होते हैं। किसी ने भी इस दौरान उक्त रिक्त पद पर चुनाव कराने के संबंध में अब तक चर्चा नहीं की। हाल में विधायक डॉ खिलावन साहू ने 13 जनवरी को सभी विभागों की बैठक जनपद पंचायत के सभा कक्ष में ली। इस बैठक में भी वहां उपस्थित मुख्य कार्यपालन अधिकारी गणेश राम साहू जनपद सदस्य के रिक्त पद के संबंध में पूछे जाने पर मौन थे।
बदल गए कई सीईओ
वर्ष 2011 से लेकर अब तक कई सीईओ बदल गए हैं। जनपद सदस्य गनपत ने 21 फरवरी 2011 को तात्कालीन सीईओ बीपी कश्यप को अपना त्यागपत्र दिया। इसके बाद बीपी सर्वे, टीएस चंद्रा और अनिल कुमार सिंह जनपद सीईओ रहे। इस दौरान किसी ने भी जनपद सदस्य के रिक्त पद पर चुनाव कराने के संबंध में ध्यान नहीं दिया। वर्ष 2013 में आए गणेशराम साहू की जानकारी में जब यह बात आई तो जून 2013 में इस दिशा में संज्ञान लिया गया।
॥मेरे आने के बाद तीन बैठक में क्षेत्र क्र. 17 के सदस्य के उपस्थित नहीं होने पर नोटिस जारी किया गया। सदस्य ने त्यागपत्र के साथ एक स्पष्टीकरण दिया जिसमें 21 फरवरी 2011 को तात्कालीन सीईओ को इस्तीफा देने की बात भी कही गई। इस्तीफा 21 जून 2013 को स्वीकार कर सामान्य सभा की बैठक में प्रस्ताव करने के बाद जुलाई में कलेक्टर के पास भेज दिया गया।
गणेशराम साहू, सीईओ जनपद पंचायत सक्ती
क्या है प्रावधान
पंचायत राज अधिनियम के तहत किसी भी पद के खाली होने के 6 माह बाद चुनाव कराने का प्रावधान है। इसके लिए सामान्य सभा में प्रस्ताव के बाद सीईओ को निर्वाचन के लिए सूचना देनी चाहिए। जनपद पंचायत सक्ती में बैठे मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने निर्वाचन आयोग को इस बात की सूचना देने की जहमत भी नहीं उठाई। आदिवासी क्षेत्र में जनपद सदस्य का पद रिक्त होने की सूचना उप संचालक पंचायत या कलेक्टर को नहीं दी गई है। यही वजह है कि अब तक क्षेत्र क्र. 17 के लिए उपचुनाव नहीं हो सका है, जबकि दो साल की अवधि में जिले में दो बार पंचायतों का उपचुनाव हो चुका है।
शिक्षाकर्मी वर्ग ३ की नौकरी लगने पर दिया था इस्तीफा, अब तक अधिकारी ने चुनाव कराने नहीं दिया ध्यान