नगर से गुजरते भारी वाहनों से खतरा
अकलतरा - नगर के मध्य से प्रतिदिन 150 से 200 कोयले के भारी वाहन गुजरने से नगर में हादसे का खतरा बढ़ गया है। भारी वाहन नगर के मध्य से गुजरने से नगरवासी असुरक्षा के बीच आवागमन करने मजबूर हैं। नगर के मध्य से भारी वाहनों की आवाजाही से जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। नगर में भारी वाहनों की आवाजाही से स्कूल एवं कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं भी असुरक्षा के बीच आवागमन करने मजबूर हैं।
प्रतिदिन छोटी-मोटी दुर्घटनाओं के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा नगर के मध्य से कोयले के भारी वाहनों को प्रतिबंधित नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया जा चुका है। कुछ दिन पूर्व नगर में बैठक कर कोयले के भारी वाहनों को नगर में प्रतिबंधित करने की मांग की जा चुकी है। नगरवासियों द्वारा इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन भी सौपा गया था। जिला प्रशासन द्वारा ठोस पहल न कर केवल आश्वासन दिया जा रहा है। नगर के मध्य से भारी वाहन गुजरने से नगरवासी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नगर में लगातार दुर्घटनाओं के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही न कर मौन स्वीकृति दी जा रही है।
नगरवासियों की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। वाहनों के प्रेशर हार्न से स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। धुल के गुबार के कारण भी सेहत पर असर हो रहा है। नगरवासी नई-नई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। नगरवासियों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए नगर के मध्य से कोयले के भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं करने पर 1 फरवरी को नगर बंद एवं चक्का जाम की बात कही जा रही है।
नैला कोल साइडिंग के लिए हो रहा परिवहन
बलौदा स्थित कोलवाशरी से प्रतिदिन नैला कोल साइडिंग तक 200 से 250 ट्रेलर में कोयले का परिवहन किया जा रहा है। कोयला का परिवहन बलौदा, जावलपुर, जर्वे मार्ग से न कर अकलतरा नगर के मध्य से किया जा रहा है। दिन-रात कोयले का परिवहन होने से नगरवासी परेशान हैं।
धुल के गुबार
से जीना दूभर
दिनरात कोयले का परिवहन होने से अग्रसेन नगर से लेकर सीसीआई चौक तक में निवासरत नगरवासियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगरवासी धुल के बीच आवागमन करने मजबूर हैं। धुल से नगरवासियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। धुल से दुकानों में रखा सामान भी खराब हो रहा है। धुल के गुबार से नगरवासियों को कैसे मुक्ति मिलेगी इसका जवाब नगरपालिका परिषद एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के पास भी नहीं है।