रेपो रेट और सीआरआर बढऩे का डर नहीं
गिरते रुपए को थामने के लिए आरबीआई ने जिस तरह बैंकों की नकदी घटाई है उसके बाद बाजार में अचानक ये डर आ गया था कि कहीं 30 जुलाई की पॉलिसी में दरें बढ़ तो नहीं जाएंगी। हालांकि, एक बैंक पोल में 87.5 फीसदी बैंकों ने इस डर को खारिज कर दिया है। सिर्फ 12.5 फीसदी ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की आशंका जताई है। अगर ये आशंका सच साबित होती है तो फिर ब्याज दरों को बढऩे से भी कोई नहीं रोक सकता है। सीआरआर को लेकर भी \\\'यादातर बैंकों का कहना है कि बढ़ोतरी नहीं होगी। 87.5 फीसदी बैंकों के मुताबिक सीआरआर नहीं बढ़ेगा। रुपए को थामने के लिए आरबीआई ने अब तक जो कदम उठाए हैं उनके दम पर रुपया 5 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच गया है। जब बैंकों से हमने ये पूछा कि क्या अभी आरबीआई रुपए के लिए और कदम उठाएगा तो 80 फीसदी बैंकों का जवाब नहीं था। बाजार में इस बात का डर है कि अगर ब्याज दरें नहीं घटीं तो इकोनॉमी की ग्रोथ और धीमी पड़ जाएगी। 80 फीसदी बैंकों को आने वाली पॉलिसी में ग्रोथ को लेकर आरबीआई द्वारा कोई कदम उठाए जाने की उम्मीद नहीं है।