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नकली क्यों मुस्कुराते हो, असली में करवा लो न स्माइल करैक्शन

8 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर रायपुर
प्रोफेशन और बॉडी बिल्ड के हिसाब से आपके चेहरे की हंसी आप खुद चुन सकते हैं। अलग अलग एंगल से स्माइल चेक करके उसमें आवश्यक सुधार करना और फिर दांतों के शेप और गम्स के ट्रीटमेंट के साथ स्माइल ठीक करने का यह प्रोसेस शहर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। डिटल प्रोसेस से स्माइल करेक्शन के लिए लोग 10 हजार से एक लाख तक खर्च कर रहे हैं।
खुद चुनिए अपनी स्माइल
कॉस्मेटिक एंड एंडोडॉन डॉन्टिस्ट डॉक्टर कृष्णा व्यास कहती है कि डिजिटल स्माइल करेक्शन की सबसे खास बात यह है कि लोग अपनी स्माइल खुद चुन सकते हैं। हम पेशेंट्स से उनकी जरूरत, प्रोफेशन और समस्या के बारे में पूछकर सॉफ्टवेयर पर पहले उनकी फोटो पर स्माइल करेक्शन कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें दिखाते है कि उनके फेस पर स्माइल कैसी नजर आएगी, ताकि वे खुद अपने लिए परफेक्ट स्माइल सलेक्ट कर सकें। इसके बाद ही ट्रीटमेंट शुरू किया जाता है। इससे पहले दांतों के इंप्रेशन लेकर डायरेक्ट स्माइल करेक्ट की जाती थी। लेकिन, डिजिटल प्रोसेस से परफेक्शन के साथ पेशेंट सैटिसफेक्शन भी मिलता है।




तानाशाह हिटलर कभी हंसा नहीं, किंवदंती है कि स्माइल करने से वह लाचार दिखता था।

ऐसे होता है डिजीटल स्माइल करेक्शन

केस २

केस 1

सबसे पहले फ्रंट और साइड एंगल के साथ पेशेंट की डिजिटल फोटो ली जाती है। मुंह बंद करके, स्माइल करते हुए और खिलखिलाते हुए भी फोटो ली जाती है। इसके बाद यह नोट किया जाता है कि आप कैसी स्माइल चाहते हैं। साथ ही वैक्स पर आपके दांतों और गम्स के ब्लू प्रिंट लिए जाते हैं। इसके बाद डॉक्टर्स सॉफ्टवेयर की मदद से दांतों की संरचना के आधार पर यह देखते है कि स्माइल में करेक्शन के कितने चांस है। फिर सॉफ्टवेयर की मदद से कई तरह की स्माइल डिजाइन की जाती है। नई स्माइल का वैक्स पर ब्लू प्रिंट तैयार किया जाता है। ब्लू प्रिंट, बदलाव के पहले और बाद की पेशेंट की तस्वीरें दिखाकर पेशेंट के साथ इंटरेक्शन सेशन होते हैं और पेशेंट सैटिस्फाइड हो, तो उनके दांतों और गम्स की ट्रीटमेंट करके स्माइल बदल दी जाती है।



सेलिब्रिटी स्माइल की भी मांग

कुछ लोग सेलिब्रिटी जैसी स्माइल भी चाहते हैं। ऐश्वर्य रॉय, दीपिका पादुकोण और विद्या बालन जैसी स्माइल के लिए भी लोग डिजिटल करेक्शन चाहते हैं। कुछ लोग केवल सामने के दांत दिखने वाली स्माइल चाहते हैं, कुछ चाहते हैं कि मुस्कुराते वक्त उनके दांत नजर न आए। हर किसी की जरूरत के मुताबिक दांतों के कंस्ट्रक्शन का एनालिसिस करके स्माइल बदली जाती है।

घट जाता था स्माइलिंग इंप्रैशन

25 वर्ष की निधि ((बदला नाम)) बेहद खूबसूरत है, लेकिन जब वे हंसती है, तो उनकी हंसी से चेहरे का आकर्षण बढऩे की बजाए कम हो जाता है। डेंटिस्ट ने निधि की ढेर सारी इमेज ली है, और अब उनके दांतों के कंस्ट्रक्शन के मुताबिक एक परफेक्ट स्माइल तलाश की जा रही है।

नहीं भाती थी बच्चों सी मुस्कान

30 वर्ष की डॉ सपना ((बदला हुआ नाम)) की हंसी बच्चों जैसी होने की वजह से पेशेंट्स पर उनका प्रभाव नहीं पड़ता था। इसलिए उन्होंने डेंटिस्ट की मदद से अपने लिए मैच्योर स्माइल चुनी। सपना कहती है कि स्माइल करेक्शन का असर प्रोफेशन पर सकारात्मक रहा।



द्यद्गह्लह्य ह्यद्वद्बद्यद्ग ड्डह्य 4शह्व द्यद्बद्मद्ग द्बह्ल

कई लोगों की मुस्कान असल में आकर्षक नहीं होती, वे इसे नकली सी बनाकर मुस्कुराते हैं, इससे वे ऐसे पेशे में परफॉर्म नहीं कर पाते, जिसमें मुस्कुराने की ही तनख्वाह मिलती है। खैर डोंट वरी अब डेंटिस्ट के यहां जाकर अपनी स्माइल को पेशे के अनुरूप करैक्ट करवाकर असल में भी मुस्कुरा सकते हैं आप।