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छोटे सिलेंडर बिके तो बर्तन दुकानों पर लगेगा ताला

8 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - रायपुर
शहर में अब पांच किलो वाले छोटे सिलेंडर किसी भी बर्तन दुकान में बिकते नजर आए तो दुकान को सील कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन अवैध तरीके से बेचे जा रहे छोटे सिलेंडरों की बिक्री पर पाबंदी लगाने के लिए सख्त हो गया है। गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने छोटे सिलेंडर बेचने वाली आधा दर्जन बर्तन दुकानों को खोज-खोजकर छापे मारे। दिनभर में चली छापे की कार्रवाई के दौरान 72 सिलेंडर जब्त किए गए।
शहर में अभी तक छोटे सिलेंडरों का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा था। भास्कर ने पड़ताल की। इस दौरान यह सच सामने आया कि बड़े सिलेंडरों की तरह छोटे सिलेंडर भी केवल अधिकृत गैस एजेंसी ही बेच सकती है। भास्कर के माध्यम से यह हकीकत सामने आने के बाद जिला प्रशासन जागा। गैस कंपनियों से जानकारी ली गई। उसके बाद पता चला कि कंपनियों ने किसी भी बर्तन दुकानदार को पांच किलो वाले गैस सिलेंडर बेचने की अनुमति नहीं दी है। दुकानों में जो सिलेंडर बिक रहे हैं वे अवैध हैं। कलेक्टर के निर्देश के बाद कार्रवाई की गई। अब अफसरों को सीधे दुकानें सील करने के निर्देश दिए गए हैं। खबर है कि खाद्य विभाग की कार्रवाई से छोटे सिलेंडरों का कारोबार करने वाले कई कारोबारी अंडरग्राउंड हो गए हैं। सिलेंडरों को छिपा दिया गया है।
फरार हो गया सिलेंडर माफिया : शहर में सबसे ज्यादा छोटे सिलेंडरों का कारोबार प्रिंस शॉप का संचालक पवन जैन करता है। अफसरों ने सुबह उसकी मौदहापारा स्थित प्रिंस शॉप में सुबह छापा मारा। वह अफसरों के पहुंचने के पहले ही फरार हो गया था। जिला खाद्य नियंत्रक दयामणि मिंज के नेतृत्व में जिला सहायक खाद्य अधिकारी केएस राठौर और खाद्य निरीक्षक जफर खान ने उसकी शॉप से 13 खाली और 59 भरे हुए छोटे सिलेंडर जब्त किए। इनमें एक और दो किलो वाले सिलेंडर भी शामिल थे जिनकी बिक्री भी पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अफसरों ने बताया कि पवन सिलेंडरों की मरम्मत के नाम पर दुकान चलाता था, लेकिन उसका असली धंधा छोटे सिलेंडरों की कालाबाजारी था। वह पांच किलो वाले छोटे सिलेंडरों की रिफिलिंग करता था। वह इसके लिए गैस कहां से लाता था इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
अफसरों ने जब्त सिलेंडर मारुति गैस एजेंसी को सुपुर्द कर दिया है। संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण तैयार किया जा रहा है।




तीन गुना कीमत में बेच रहा था

प्रिंस शॉप से अफसरों को सिलेंडर रिफिलिंग की पर्ची भी मिली है। इसमें पांच किलो वाले सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए 450 रुपए चार्ज किए जा रहे थे। पांच किलो वाले सिलेंडर गैस एजेंसियों में 152 रुपए में मिलते हैं, लेकिन अवैध तरीके से रिफिलिंग होने की वजह से इसकी तीन गुना कीमत वसूल की जा रही थी। इसी तरह दो किलो के सिलेंडर में 1 किलो 700 ग्राम गैस भरकर 190 रुपए वसूल किए जा रहे थे। अफसरों को एजेंसी से कई बड़े घरेलू सिलेंडर भी मिले हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं घरेलू सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरी जा रही थी।

22 जनवरी को पेज-2

पर प्रकाशित