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चुनावी घमासान में श्रीचंद ने सारे अधिकार कार्यकारी अध्यक्ष को सौंपे

8 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - रायपुर
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव को लेकर अभी से सरगर्मी शुरु हो गई है। पिछले एक महीने से चेंबर की अंदरूनी राजनीति में मची उथल पुथल के बीच अध्यक्ष ने दो दिन पहले अचानक कार्यकारी अध्यक्ष को सारे कामकाज की जिम्मेदारी सौंप दी।
उन्होंने कार्यालय जाना भी बंद कर दिया है। इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। चेंबर अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी हालांकि यह तर्क दे रहे हैं कि उत्तर विधानसभा का विधायक बनने के बाद उनके पास चेंबर का काम काज देखने के लिए समय नहीं बच रहा है। इससे चेंबर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी वजह से उन्होंने कार्यकारी अध्यक्ष अमर धावना को जिम्मा सौंपा है, जबकि दूसरी ओर चेंबर अध्यक्ष के इस फैसले के बाद संगठन में सुंदरानी खेमे में ही घमासान और तेज होने के संकेत हैं। चेंबर अध्यक्ष ने पहले ही घोषणा कर दी है कि अब वे संगठन का चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसी दशा में अध्यक्ष पद के लिए अभी से दावेदारी शुरु हो चुकी है। एक ओर कार्यकारी अध्यक्ष को पूरी जिम्मेदारी सौंपकर श्रीचंद सुंदरानी ने अपना उत्तराधिकारी बनाने का संकेत दे दिया है। दूसरी ओर उनके ही पैनल के कोषाध्यक्ष यूएन अग्रवाल अध्यक्ष चुनाव लडऩे का खुला संकेत दे चुके हैं। उन्होंने अध्यक्ष का चुनाव लडऩे की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसे खुली बगावत माना जा रहा है। उनके समर्थक दूसरे व्यापारियों को उनका समर्थन करने के लिए एकजुट कर रहे हैं।
जग्गी की नियुक्ति का विरोध, किशोर का इस्तीफा: ऐन चुनाव से पहले एक बड़ा खेमा सतीश जग्गी और प्रकाश अग्रवाल को युवा चेंबर में जगह देने से नाराज हो गया है। नई नियुक्तियों के विरोध में सबसे पहले युवा चेंबर के कार्यकारी अध्यक्ष किशोर आहूजा ने गुरुवार को चेंबर अध्यक्ष को अपना इस्तीफा दे दिया। वे सुंदरानी के कट्टर समर्थकों में से एक थे। हाल ही में उन्होंने छत्तीसगढ़ चेंबर अध्यक्ष का चुनाव लडऩे के लिए दावेदारी पेश की थी।


बताया जा रहा है कि श्रीचंद उनकी दावेदारी से नाराज थे। यही वजह है कि उन्हें चेंबर का पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं बनाया गया। अपने से जूनियर को अध्यक्ष बनाने से नाराज किशोर ने पद से इस्तीफा देकर चुनाव लडऩे की तैयारी शुरू कर दी है।




जातिगत समीकरण भी बनने लगे

छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स में 12 हजार सदस्य सीधे मतदान करेंगे। इनमें पांच हजार से ज्यादा सिंधी समाज के वोट हैं। ऐसे में सुंदरानी पैनल से अमर धावना की दावेदारी को कमजोर नहीं माना जा रहा है। सिंधी समाज के बाद चैंबर में अग्रवाल समाज का दबदबा है। छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल का पैनल चुनाव में उतरता है तो मुकाबला रोचक हो जाएगा। सिंधी समाज के उम्मीदवार को टक्कर देने के लिए एक गुट छत्तीसगढ़ कैट के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के समर्थक ललित जैसिंघ को भी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा है।