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अगर हम समझें ताकत टेक्नोलॉजी की, तो बदल सकती है सूरत
सिटी रिपोर्टर रायपुर
वर्तमान टेक्नॉलॉजी बेहद पावरफुल है। रिमोट सेंसिंग और जियोग्राफिकल इन्फर्मेंशन टेक्नोलॉजी जैसी मल्टीफंक्शनल टेक्नॉलॉजी यूज करने पर डिपेंड करती है। इंसान चाहे तो इसकी मदद से पूरे संसार को स्वर्ग बना सकता है या मिनटों में विनाश मचा सकता है।
रविवि के भूगोल में सस्टेनेबल रिसोर्स डेवलपमेंट और मैनेजमेंट टॉपिक पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल एक्सपट्र्स ने ये बातें कहीं। कान्फ्रेंस में महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी रोहतक से आए प्रो. एचएस गुप्ता ने कहा कि देशभर में हर क्षेत्र में लगातार एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं, ऐसे में यह हमारी रिस्पांसबिलिटी है कि हम नई टेक्नोलॉजी का यूज कैसे करें, जिससे देश का संतुलित विकास हो सके।
३८ रिसर्च पेपर प्रजेंट
कार्यक्रम में पर्यावरण समस्याएं, प्रबंधन एवं संपोषित विकास, कृषि विकास, खनिज संसाधन एवं प्रबंधन विषय पर 38 रिसर्च पेपर प्रजेंट किए गए। कार्यक्रम के समापन पर मद्रास यूनिवर्सिटी के फिजिक्स डिपार्टमेंट के पूर्व एचओडी डॉ. पीएस तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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