- Hindi News
- मार्च तक शायद ही मिलें सबसिडी वाले सिलेंडर
मार्च तक शायद ही मिलें सबसिडी वाले सिलेंडर
नगर संवाददाता - रायपुर
पिछले साल केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को सालभर में सबसिडी वाले केवल 9 सिलेंडर देने की घोषणा की थी और दसवें सिलेंडर से सबसिडी खत्म कर सिलेंडर का रेट 1280 रुपए कर दिया था। यह योजना मार्च तक लागू थी, लेकिन हाल में केंद्र सरकार ने 12 सिलेंडरों में सबसिडी देने की घोषणा कर दी है। माना जा रहा था कि इसी माह से यह घोषणा लागू हो जाएगी, लेकिन गैस एजेंसियों में इस आशय का आदेश नहीं पहुंचा है। अधिकांश परिवार सबसिडी वाले 9 सिलेंडर दिसंबर में ही खत्म कर चुके हैं और दसवां सिलेंडर 1280 रुपए में ले चुके हैं। संशय ये है कि सबसिडी वाले सिलेंडर इस माह से मिलने लगेंगे या केंद्र सरकार नई नीति अप्रैल से ही लागू करेगी।
राजधानी के हर गैस उपभोक्ता का सवाल है कि उसे मार्च तक 9 सिलेंडर के बाद बाकी बिना सबसिडी के लेने होंगे या फिर योजना तुरंत ही लागू होगी। दैनिक भास्कर ने राजधानी की गैस कंपनियों और एजेंसियों में पड़ताल की कि लोगों को अब भी सिलेंडर के ज्यादा पैसे देने होंगे या नहीं। लेकिन एजेंसी वालों का कहना है कि उन्हें अब तक ऐसे निर्देश नहीं मिले हैं कि लोगों को सबसिडी वाले रेट पर सिलेंडर सप्लाई किए जाएं। जिन परिवारों का 9 सिलेंडरों का कोटा खत्म हो गया है, उन्हें अब भी 1280 रुपए में सिलेंडर दिया जा रहा है। यही नहीं, कई एजेंसी संचालकों का दावा है कि सरकारी काम जिस तरह चलता है, उस लिहाज से लोगों को मार्च तक तो कोटे से अधिक वाले सिलेंडर बिना सबसिडी वाले रेट पर ही लेने होंगे।
महंगा लेना होगा
इंडियन ऑइल के डीजीएम विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से कोई भी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। केंद्र सरकार की जो भी पॉलिसी बनेगी उसी के अनुसार काम किया जाएगा। वर्तमान स्थिति में जिनके सब्सिडी वाले सिलेंडर खत्म हो गए हैं, उन्हें महंगे सिलेंडर ही लेने होंगे।
कम हो गई बुकिंग
गैस एजेंसियों के संचालकों ने बताया कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद से ही सिलेंडरों की बुकिंग कम हो गई है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही 12 सिलेंडर वाला नियम लागू हो जाएगा और उन्हें सिलेंडरों के लिए ज्यादा रकम नहीं देनी पड़ेगी। इनमें से अधिकांश उपभोक्ता ऐसे हैं, जो कोटे के सबसिटी वाले 9 सिलेंडर ले चुके हैं और उन्हें बिना सबसिडी का दसवां सिलेंडर लेना है। उनका कहना है कि अगर 1 फरवरी से भी फैसला लागू हो जाता है तो कम से कम दो सिलेंडर तो उन्हें पुरानी कीमत पर मिल ही जाएंगे।