बिना लाइसेंस नहीं चला पाएंगे अस्पताल
रायपुर - जिला प्रशासन ने अस्पतालों के लाइसेंस के लिए मिले आवेदनों के आधार पर पंजीयन सर्टिफिकेट जारी करने का काम शुरू कर दिया है। जिन अस्पतालों ने लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया है ऐसे अस्पताल अपना काम नहीं कर पाएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केआर सोनवानी ने बताया कि अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के तहत मिले आवेदनों की जांच के बाद अस्पताल, नर्सिंग होम, मैटरनिटी होम, क्लिनिक, लैब, फिजियोथेरैपी सेंटर आदि को पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किया गया है। यह पंजीयन जारी तिथि से अगले छह महीने तक वैध रहेगा। सर्टिफिकेट लेने के लिए सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पंडरी स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होना पड़ेगा।
लाइसेंस नहीं तो नहीं सीधे कार्रवाई
डॉ. सोनवानी ने बताया कि जिला समिति की ओर से गठित निरीक्षण दलों ने सभी संस्थाओं के निरीक्षण के बाद जिला नोडल अधिकारी को रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट को जिला समिति के सामने प्रस्तुत किया गया। इसके बाद जिला समिति की ओर से पर्यवेक्षक अधिकारी जो कि संबंधित जिले के कलेक्टर को बनाया गया है। उनकी अनुशंसा पर ही अस्पतालों को लाइसेंस जारी किया जा रहा है। तय अवधि के बाद ऐसे चिकित्सा संस्थान जिनके पास लाइसेंस नहीं होगा उन्हें भविष्य में संस्था संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। बिना लाइसेंस के अस्पताल चलाने या प्रैक्टिस करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।