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19285 में से सिर्फ 5457 गांवों में हैं 12वीं पास
भास्कर न्यूज - रायपुर
छत्तीसगढ भले ही विकासशील राज्यों की कतार में खड़ा है लेकिन अभी भी यहां के 19285 गांवों में से 5457 गांवों में ही बारहवीं पास लोग हैं। इंटरनेट, बैंक, पोस्ट आफिस जैसी सुविधाओं में वह केरल, मणिपुर, सिक्किम जैसे छोटे राज्यों की तुलना में मीलों पीछे है। राज्य के केवल 14.5 प्रतिशत गांवों में बैंक है।
प्रदेश के 28.3 फीसदी गांवों में ही हायर सेकंडरी पास छात्र हैं जबकि देश का औसत 33.5 प्रतिशत है। इस मामले में छोटे राज्य केरल 60, पांडिचेरी 52, उतरा खंड 47 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ से आगे है। रिपोर्ट के अनुसार हाइटेक युग में स्कूली छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा व कालेज के छात्रों को लैपटाप तो दिए जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश के 13.4 प्रतिशत ग्रामों में ही इंटरनेट की सुविधाएं हैं। करीब 12.6 फीसदी घरों में आज भी बिजली नहीं है। 85 प्रतिशत गांवों के लिए बैंक अभी भी सपना है। पक्के रोड, पीडीएस बिजली व प्राइमरी स्कूलों को लेकर राज्य की स्थिति संतुष्टिपूर्ण है। असर की ताजा रिपोर्ट में विलेज इंफ्रास्ट्रक्चर एंड हाउस होल्ड कैरेक्टेरिस्टिक्स का जिक्र है।
72 फीसदी गांवों में डाकिए नहीं पहुंचे : डाकघर अब भी प्रदेश के 72 प्रतिशत गांवों में नहीं हैं। यहां 3125 पोस्ट आफिस हैं जिनमें से दो रात में खुले रहते हैं। इनमें से भी 3045 पोस्ट आफिस डिलवरी की सुविधा देते हैं। बाकी में यह सुविधा ही नहीं है। पंचायतों की मदद से 141 संचार सेवा केंद्र भी चल रहे हैं।