- Hindi News
- किनारे पर तालाब इतना गहरा कि धोखा हुआ और गई जान
किनारे पर तालाब इतना गहरा कि धोखा हुआ और गई जान
नगर संवाददाता - रायपुर
नरैया तालाब का सौंदर्यीकरण करने वालों ने ऐसा काम किया कि घाट के पास ही तालाब को दस-पंद्रह फीट गहरा कर दिया। इससे यह तालाब खतरनाक हो गया है। हाल ही में यहां डूबकर दो बच्चों की मौत हुई है। तालाब की यह हालत तब है जब पिछले चार साल से यहां काम चल रहा है और करीब तीन करोड़ रुपए इस पर फूंके जा चुके हैं।
सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट में दो करोड़ 80 लाख रुपए नगर निगम ने पिछले चार सालों में खर्च कर डाले हैं। मगर तालाब के किनारे के पार को उथला करने के लिए किसी भी तरह का कोई प्रयास नहीं किया गया। यही वजह रही कि चंद रोज पहले तालाब में शौकिया तौर पर नहाने गए मासूम बालकों की असमय मौत तालाब के पानी में डूबकर हो गई।
भास्कर रिपोर्टर ने सोमवार को तालाब का निरीक्षण करने के साथ ही सौंदर्यीकरण पर किए गए अब तक के कामों का प्रत्यक्ष जायजा लिया। खुद अफसरों ने बताया कि 28 एकड़ के तालाब सौंदर्यीकरण योजना में केवल बाहरी संरचना पर ही पूरे पैसे खर्च हुए। वाटर बाडी के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई। तालाब के किनारे प्राकृतिक रूप से उथले रहते हैं। मगर तत्कालीन कलेक्टर संजय गर्ग के कार्यकाल के दौरान इंडस्ट्रीज से तालाब के गहरीकरण पर काम कराया गया। उस वक्त कुछ इंडस्ट्रीज ने तालाब का गहरीकरण किया। मगर गहरीकरण का काम अधूरे तौर पर करके छोड़ दिया गया। इस वजह से तालाब उथला नहीं हुआ। मुख्य घाट के किनारे ही तालाब दस से पंद्रह फीट तक गहरा है। दूसरी तरफ तालाब पथरीला और चट्टानों से लबरेज होने के कारण काफी खतरनाक भी है। यही वजह है कि गहरीकरण के साथ ही उथलीकरण का काम नहीं किया गया।
पुलिस लाइन के पानी
को किया डायवर्ट
बरसात में पुलिस लाइन में जितना भी पानी आता है। उसको डायवर्ट करके तालाब में लाने के लिए अंडर ग्राउंड सिस्टम तैयार किया गया है। पुलिस लाइन में मेन होल चेंबर से पूरा पानी तालाब में आ जाता है।
आउटर में सौंदर्यीकरण
॥ मुख्य तालाब के साथ किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। तालाब के आउटर इलाके में ही सौंदर्यीकरण हुआ है। नब्बे फीसदी काम हो चुका है। मात्र दो महीने में फाइनल फेज का काम पूरा हो जाएगा।
नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर
तालाब के आउटर एरिए में ही पूरा पैसा किया खर्च
तालाब के बाहरी सौंदर्यीकरण करने में ही अधिकांश पैसे खर्च किए गए हैं। मुख्य रुप से रिटेनिंग वाल, टोह वाल, लाइट, प्लांटेशन में ही अधिकतर पैसे खर्च किए गए। तालाब के सौंदर्यीकरण का काम 2010-11 में जब शुरु किया गया था तब ही प्लांटेशन कर दिया गया था। मगर उनकी उचित देखरेख नहीं होने के कारण पौधे मर गए। पौधों का री-प्लांटेशन में ही लाखों रुपए का खर्च निगम ने दोबारा किया। अब पौधों को जीवित रखने के लिए लोहे के जंगले भी लगाए जा रहे हैं।
गहरीकरण सिर्फ किनारे पर, बढ़ी हादसों की आशंका
धमतरी सड़क पर नहीं
लगा चेनल गेट
तालाब के तीन तरफ से प्रवेश द्वार हैं। पुलिस लाइन और पुजारी पार्क की ओर गेट बना दिया गया है। मगर धमतरी सड़क की तरफ का गेट अभी नहीं बना है। तालाब को एक प्रीमिसिज के रूप में बनाया गया है। मगर छोटे तालाब की तरफ से आने वाला गेट अभी भी ओपन है।