पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • स्टेशन में मॉल बनाया पर इसे चलाने के लिए कोई न आया

स्टेशन में मॉल बनाया पर इसे चलाने के लिए कोई न आया

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नगर संवाददातास, रायपुर
रायपुर स्टेशन पर लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च करके ढाई साल पहले मॉल या मल्टी फंक्शनल कांप्लेक्स ((एमएफसी)) तो तैयार कर लिया गया, लेकिन यह अब तक वीरान पड़ा है। दरअसल अब तक छत्तीसगढ़ या बाहर की किसी पार्टी ने इसे चलाने में दिलचस्पी ही नहीं दिखाई है। पिछले साल सितंबर में इरकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर एण्ड सर्विस लिमिटेड ने राष्ट्रीय स्तर पर टेंडर किया, लेकिन इसमें किसी ने भाग नहीं लिया। इरकॉन ने दोबारा टेंडर किया है, जो 5 फरवरी को खुलेगा। अगर इसमें भी किसी ने भाग नहीं लिया तो रायपुर में एमएफसी के संचालन पर ही सवालिया निशान खड़े हो जाएंगे।
रायपुर और बिलासपुर स्टेशन पर एमएफसी चलाने के लिए एक साथ टेंडर जारी किया गया था। बिलासपुर में रेलवे मुख्यालय है, इसलिए वहां संचालक मिल गया। हालांकि इसके टेंडर में इरकॉन के ्फसर पड़ताल कर रहे हैं कि नियम और शर्तें पूरी हुई हैं या नहीं। कहा तो यह भी जा रहा है कि रायपुर के लिए नियम कुछ शिथिल किए जा रहे हैं। हालांकि अफसरों ने इस बात से इंकार किया है।




थ्री-स्टार का अनुभव अड़ंगा



आईआरसीटीसी के टेंडर में भी रूचि नहीं

देशभर में एमएफसी को चलाने के लिए रेलवे ने इरकॉन तथा आईआरसीटीसी को भी जिम्मा सौंपा है। अभी बिलासपुर, रायपुर और गोंदिया में एमएफसी का निर्माण किया गया है। दुर्ग, भिलाई, दुर्ग, रायगढ़ और कोरबा स्टेशन में भी यह प्रस्तावित है। गोंदिया स्टेशन के एमएफसी की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी को दी गई है, लेकिन वहां भी किसी ने रुचि नहीं ली है।

इरकॉन के टेंडर में कई शर्तें अव्यावहारिक बताई जा रही हैं। इनमें सबसे पहली शर्त तो 3 करोड़ रुपए के डिपाजिट की है। इसके बाद, एनएफसी का मासिक किराया अलग देना होगा। सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि वही पार्टी टेंडर में हिस्सा ले सकती है, जिसके पास थ्री-स्टार होटल चलाने का अनुभव हो। मामला यहीं अटक रहा है। इसके अलावा, एमएफसी में इंटीरियर इसके संचालक को कराना होगा। कांप्लेक्स में होटल, फुड जोन, प्री-पेड टैक्सी बूथ, नेट कैफे, मेडिकल स्टोर, वेटिंग लॉबी, गेस्ट हाऊस आदि सबकुछ बनाकर देना होगा।