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जर्जर सड़कों पर यात्रा करने में लगता है दोगुना समयभास्कर एक्सपोज-!-दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकीं, 60 सड़कों का प्रस्ताव भेजा गया

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बलौदाबाजार
जर्जर सड़कें जिलावासियों के लिए सरदर्द बन गई हैं। जिला मुख्यालय के मुख्य मार्ग के साथ ही बिलासपुर, भाटापारा तथा रायपुर रोड की हालत विगत लंबे अरसे से खराब है जिसके चलते इन रास्तों पर चलने वाले लोगों को तय समय से दोगुना समय लगता है। जीर्ण शीर्ण सड़कों की वजह से अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। जिले के बाकी ब्लाकों का भी कमोबेश यही हाल है ।
सड़कों का विगत दशकों से कभी भी सुधार तथा नया निर्माण नहीं किया गया है। बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, मार्ग की सड़क तो इतनी खराब है कि इन सड़कों पर भाटापारा की दूरी मात्र 24 किमी. पहुंचने में डेढ़ घंटा तथा बिलासपुर की दूरी मात्र 55 किमी पहुंचने में ढाई से तीन घंटा लग जाता है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और अधिक बदतर हो जाती है।




लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं

खराब सड़कों की वजह से जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बीते सालों से लगातार बढ़ती जा रही है। वर्ष 2013 में बलौदाबाजार पुलिस स्टेशन अंतर्गत इलाके में ही दर्जन भर से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें 14 मार्च को एक निजी बस में आग लगने से बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के जलने, 16 मार्च को लटुवा रोड में हाईवा की टक्कर से छात्रा की मौत, 22 मार्च को रायपुर रोड में ट्रक-बस भिड़ंत में एक की मौत, 26 मार्च को लिमाही मोड़ के पास एक दुपहिया सवार की मौत, 30 मई को ग्राम मुसुवाठोड़ी में वाहन पलटने से एक की मौत, 22 अगस्त को नगर के मुख्य मार्ग में ट्रक की चपेट में आकर युवक निर्मल ठाकुर की मृत्यु, 26 सितंबर को ग्राम बिटकुली में मेटाडोर-बाइक भिड़ंत में दो की मौत, 5 दिसंबर को कोकड़ी रोड में हुई वैन दुर्घटना में नगर के पांच युवक गंभीर रुप से घायल प्रमुख हैं। वर्ष 2013 में जिले में लगभग दो दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं जर्जर सड़क की वजह से हो चुकी हैं।

जल्दी होगा काम

॥नए वित्तीय वर्ष के लिए जिले की करीब 60 सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, इसमें कितने प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं यह आने वाले कुछ दिनों में पता चल जाएगा। इस वर्ष लवन-खरतोरा मार्ग स्वीकृत हुआ है जिसकी निविदा भी लगाई जा चुकी है।ञ्जञ्ज

एम प्रसाद, कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण संभाग

परसाभदेर के लोगों ने दिया था धरना

गौरतलब है कि सिविल लाइंस से लेकर परसाभदेर रोड की हालत बेहद खराब है। परसाभदेर रोड पर जगह जगह गड्ढों की वजह से समूचे इलाके में दिनभर धूल छायी रहती है। बारिश में सड़क के गड्ढे पूरी तरह से जानलेवा हो जाते हैं। इस इलाके में लगभग 900 लोग रहते हैं परंतु घटिया सड़क की वजह से अब लोग इस इलाके को नगर का सर्वाधिक नारकीय क्षेत्र मानने लगे हैं। इलाके के लोगों ने सड़क के निर्माण की मांग को लेकर विगत दिनों धरना भी दिया है जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने शीघ्र ही सड़क निर्माण कराने की बात कही है।