ओलिंपियन सुधा और कविता भी लगाएंगी दौड़
स्पोट्र्स रिपोर्टर - रायपुर
लंदन ओलिंपिक में शामिल होने वाली भारतीय एथलीट सुधा सिंह और २०१० में कॉमनवेल्थ गेम्स में १० हजार मीटर दौड़ में कांस्य जीतने वाली एथलीट कविता राउत राजधानी आ रही हैं। वे यहां २ फरवरी को होने वाली विजय दिवस मैराथन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हो रही हैं। मूलत: उप्र के रायबरेली की रहने वाली सुधा ३००० पैदल चाल में २००९ एशियन गेम्स में रजत पर कब्जा किया। २०१० दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ी पांचवें पर रहीं वहीं ग्वांगझू में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पर कब्जा किया। सुधा ने २०११ में जापान में हुए एशियन गेम्स में फिर पैदल चाल में अपना जलवा दिखाया और रजत पर कब्जा किया और २०१२ लंदन ओलिंपिक में वे २१वें स्थान पर रहीं। इसके बाद २०१३ पुणे में हुई चैंपियनशिप में सुधा ने रजत पर कब्जा किया और रूस में हुई वल्र्ड चैंपियनशिप में वे २३वें स्थान पर रहीं।
दूसरी ओर महाराष्ट्र की कविता राऊत कॉमनवेल्थ खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने वाली एकमात्र महिला एथलीट हैं। उन्होंने दिल्ली में २०१० में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में १० हजार मीटर दौड़ में कांस्य जीता। इससे पहले १९५८ में पुरुष वर्ग में मिल्खा सिंह पदक जीता था। कविता ने इससे पहले २००९ एशियन गेम्स में ५००० मीटर में कांस्य पदक जीता था। वहीं २०१० में ग्वांगझू एशियन गेम्स में कविता ने १० हजार मीटर में रजत और ५ हजार मीटर में कांस्य पदक जीता।