कर्मचारी दिए, तुरंत छीन भी लिए
नगर संवाददाता - रायपुर
रायपुर स्टेशन के आरक्षण केंद्र ((पीआरएस)) को अरसे बाद रेलवे ने आठ कर्मचारी दिए। ये यहां काम शुरू कर पाते, उससे पहले ही सभी को बिलासपुर शिफ्ट कर दिया गया। बिलासपुर जोन के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के आदेश पर ऐसा किया गया। इस वजह से रायपुर स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर सालों से चली आ रही दिक्कतें दूर होने की उम्मीद खत्म हो गई। यहां हालात ऐसे हैं कि रेलवे आरक्षण भवन में 15 काउंटर हैं जिनमें से 8 केवल इसलिए लगातार बंद रहते हैं कि स्टाफ नहीं है।
पिछले डेढ़ साल से रायपुर स्टेशन के साथ ही शहर के सभी पीआरएस में स्टाफ कम है। इसलिए आधे से ज्यादा काउंटर बंद हैं। इससे यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए रेलवे ने रायपुर मंडल को आठ क्लर्क दिए थे। उम्मीद की जा रही थी कि पीक सीजन में यात्रियों को सभी काउंटरों से टिकट दिया जा सकेगा। लेकिन मंगलवार को यहां खबर फैली कि यहां के स्टाफ को बिलासपुर बुला लिया गया है।
काउंटर बंद रखना मजबूरी : रायपुर स्टेशन के आरक्षण केंद्र ((पीआरएस)) बदहाली का शिकार होने लगा है। वहां रोजाना 5 से 8 काउंटर खोले जा रहे हैं। कुछ महीने काउंटर से कैश चोरी हुआ था।
इसके बाद दो कर्मचारी हटा दिए गए थे। इसके बदले में वहां एक ही कर्मचारी तैनात किया गया। इसका नतीजा ये हुआ कि और काउंटर बंद रहने लगे। रायपुर के अफसरों की चिंता ये है कि त्योहार और गर्मी की छुट्टियों में आरक्षण करानेवालों की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे में यहां अफरातफरी मचने का भी अंदेशा है।
जीएम को होगी शिकायत : रायपुर रेल मंडल के लगभग सभी विभागों में स्टाफ कम है। इसकी जानकारी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जीएम प्रवीण टंडन को भेजी गई है। लेकिन इसके बावजूद नए मिले आठ कर्मचारियों को बिलासपुर भेज दिया गया। एक अफसर ने बताया कि अब महाप्रबंधक से इसकी शिकायत की तैयारी है। रेलवे के कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकरियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।