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पहले बधाई...फिर फटकार और नसीहत, बाद में तबादला

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रायपुर
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपनी तीसरी पारी के पहले कलेक्टर कांफ्रेंस में बुधवार को कमजोर परफार्मेंस वाले कलेक्टरों की जमकर क्लास ली। दुर्ग, सरगुजा, बालोद और मुंगेली जिले के कलेक्टरों को उन्होंने फटकार लगाई और साफ साफ नसीहत दी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि मैं जब बड़े काम की बात कर रहा हूं तो आप लोग छोटा-छोटा सोच रहे हैं। कांफ्रेंस की शुरुआत उन्होंने अच्छा चुनाव कराने के लिए कलेक्टरों को बधाई देते हुए की। उसके बाद उन्होंने बैठक में कमजोर कामकाज वाले कलेक्टरों को आड़े हाथों लिया। बैठक के बाद कलेक्टरों के फेरबदल के आदेश जारी कर दिए गए।
कांफ्रेंस शुरू हुई तो खुशनुमा माहौल ज्यादा देर तक नहीं कायम रह सका। कौशल विकास के संबंध में बात हो रही थी तो मुंगेली कलेक्टर टीएस महावर ने आठ हजार लोगों को ट्रेनिंग देने की बात की तो मुख्यमंत्री ने नाराजगी का इजहार किया। उन्होंने मैं लाखों लोगों को प्रशिक्षित करने की बात कर रहा हूं और आप आठ हजार की बात कर रहे हैं। ऐसा नहीं चलेगा। इसी प्रकार दुर्ग, सरगुजा और बालोद कलेक्टरों को दो टूक सुनने को मिला। हर
जगह योजनाओं के क्रियान्वयन में खामी मिली। मुख्यमंत्री ने तल्ख लहजे में चेतावनी दी कि काम
करके दिखाना होगा। आम लोगों
को होने वाली तकलीफ की ओर ध्यान देना होगा।


अगर कोई अपने पद के साथ न्याय नहीं करेगा तो उसको पद पर अधिक दिनों तक रखा नहीं जाएगा। साथ ही सवाल किया, कि वह तो युवा है, फिर क्यों बेहतर परफार्मेंस नहीं कर पा रहे है। उन्होंने सभी कलेक्टरों से गांव, राशन की दुकान,अस्पताल, छात्रावासों और स्कूलों का ज्यादा से ज्यादा निरीक्षण करने का कहा। भ्रष्टाचार पर भी मुख्यमंत्री ने सीधे बोला। उन्होंने कहा जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता अब सरकार की प्राथमिकता में है, लेकिन यह नारों तक सिमटकर न रहे। इसका कड़ाई से ग्राउंड पर भी अमल दिखना चाहिए। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में सीएम ने कलेक्टरों से ज्यादातर समय जनता के बीच देने और उनकी समस्याओं को दूर करने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि डीएम,सीएम और पीएम सत्ता की प्रमुख कड़ी है। ऐसे में डीएम अपनी जिम्मेदारी समझे और जिलों में सुशासन स्थापित करने के लिए जी-जान से काम करें।




कलेक्टर कांफ्रेंस में सीएम ने कमजोर परफारमेंस पर जताई नाराजगी

ञ्चमनरेगा योजना के तहत चल रहे कामों को मौके पर जाकर जांचा जाए। ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अगले 20 दिनों में सभी विकास खंडों में एक मेला लगाया जाएगा, जिसमें ऐसे युवाओं की पहचान की जाएगी, जो पढ़ाई छोड़ चुके है। उन्हें अब कौशल विकास के कामों से जोड़ा जाएगा। करीब दो लाख युवाओं को कौशल उन्नयन के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी।

ञ्चविभागीय अड़चनों के चलते आधी-अधूरी या बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को फिर से चालू किया जाएगा। इस संबंध में जो भी अड़चन होगी, उन्हें भी दूर किया जाएगा। वित्तीय मदद भी दी जाएगी।

ञ्चबिलासपुर, रायगढ़, अम्बिकापुर और चिरमिरी में एक फरवरी से

कोर पीडीएस की शुरूआत की जाएगी। साथ ही पीडीएस की समीक्षा की गई।



बताया क्या-क्या करना है