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कॉफी की चुस्कियों के साथ लीजिए चटपटा किताबी टेस्ट
सिटी रिपोर्टर रायपुर
रेस्टोरेंट में बैठकर कॉफी के मग और स्नैक्स के साथ अब आप अपनी मनपसंद किताबों का जायका भी ले सकते हैं। सुरभि सिंह, जिग्ना कोटेचा और सानिध्य जैन शहर में कैफे बुक क्लब का ट्रेंड लेकर आए हैं। यंगस्टर्स को लेटेस्ट बुक अवेलेबल कराने और किताबों के लिए उनका प्यार बढ़ाने के लिए इन्होंने तेलीबांधा स्थित चीजी ट्विस्ट रेस्टोरेंट में बुक क्लब की शुरुआत की है।
यहां आने वाले लोग कॉफी और स्नैक्स के साथ इत्मिनान से बैठकर अपनी पसंदीदा किताबें पढ़ सकते हैं। रेस्टोरेंट संचालक और बुक लवर अनिल गुरनानी कहते हैं, जरूरी नहीं कि लाइब्रेरी के शांत माहौल में ही किताबें पढ़ी जाए, यंगस्टर्स रीडिंग के लिए भी एनर्जेटिक माहौल चाहते हैं।
बुक रिव्यू एंड डिस्कशन: बुक क्लब हर हफ्ते विभिन्न कैटगिरी में राइटिंग और डिस्कशन इवेंट कर रहा है। ताकि राइटिंग स्किल निखारी जा सके और रिव्यूज शेयर हो सकें।
 शहर के इस रेस्टोरेंट में की गई है लिब्रो कैफे कल्चर की शुरुआत।
भगत सिंह की कंट्रोवर्शियल किताब है यहां
रेस्टोरेंट की वॉल पर लगे शेल्फ में किताबों का अच्छा कलेक्शन है। क्लासिक, फिक्शन, मेमोरी और न्यू के साथ कांट्रोवर्शियल सेगमेंट की किताबें भी यहां उपलब्ध हैं। बड़ी मशक्कत के बाद जेल में लिखी गई भगत सिंह की किताब द जेल नोटबुक एंड अदर राइटिंग्स को भी कलेक्शन में शामिल किया गया है।
ऐसे शुरू हुआ आक्टेवो
रीड, शेयर एंड टेकअवे
ऑक्टेवो बुक क्लब की शुरुआत तीनों फाउंडर्स ने पर्सनल बुक कलेक्शन से की। इसके बाद कुछ किताबें खरीदीं। 799 रुपए देकर 60 लोग क्लब के मेंबर बन गए। ३ महीने पहले आए इस क्लब में आज 450 किताबें हैं। कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर हाउस वाइफ और प्रोफेशनल्स भी क्लब मेंबर हैं।
रेस्टोरेंट में आने वाला हर व्यक्ति फ्री में किताबें पढ़ सकता है। मेंबरशिप लेकर साल भर तक अपनी फेवरिट बुक्स घर भी ले जा सकते हैं। क्लब में बुक शेयरिंग की भी सुविधा है। अगर आप चाहें, तो कुछ समय तक लोगों के साथ अपनी किताबें शेयर भी कर सकते हैं।
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