पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंभाटापारा. रेलवे के मासिक सीजन टिकटधारियों को अब स्लीपर क्लास में यात्रा करना काफी मुश्किल हो गया है। लगातार टीटी एवं उच्चाधिकारियों के दबाव की वजह से यात्रा करने वाले रोजाना यात्रियों को थ्री टायर का जुर्माना देना पड़ रहा है।
भाटापारा से रायपुर करीब ढाई हजार और बिलासपुर की ओर करीब 1200 से अधिक लोग आवाजाही करते हैं। सुबह यात्रा का सिलसिला हावडा मुंबई मेल ,लिंक एक्सप्रेस दानापुर, छत्तीसगढ एक्सप्रेस, अहमदाबाद से प्रारंभ होकर रात्रि में अमरकंटक कुर्ला हावड़ा सारनाथ एक्सप्रेस तक जारी रहता है। रेलवे के अधिकारी एमएसटी एवं बिना टिकट यात्रियों की धरपकड़ के लिए रायपुर रेल मण्डल के सीनियर डीसीएम लगातार जांच पडताल ट्रेनों में करते रहते हैं।
इससे एमएसटी धारक खासे परेशान हो गये हैं। दैनिक रेल यात्रियों व्दारा लगातार मांग करने के बाद भी अभी तक इस दिशा में रेल मंडल की ओर से न कोई छूट दी जा रही है न ही विशेष कोच में छूट का प्रावधान किया जा रहा है। यात्री मुश्किल से जनरल क्लास के दो डिब्बों में चढ़ पाते हैं। स्थिति यह रहती है कि जहां से गाड़ी छूटती है वहीं पर ये पैक हो जाती है। इसलिये अन्य स्टेशनों में चढऩा तो दूर खड़े रहने की जगह नहीं मिलती। इसलिये मजबूरन यात्रियों को स्लीपर क्लास में यात्रा करनी पडती है जिसमें पैर रखने तक की जगह नहीं रहती।
जनप्रतिनिधि भी इसओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसकी वजह से आये दिन रोजाना आने जाने वाले यात्रियों को कई बार जुर्माना भरना पड़ता है। दैनिक यात्रियों का कहना है कि सुबह व शाम के समय कुछ प्रमुख ट्रेनों में छूट दी जानी चाहिये। चीफ बुकिंग सुपरिनटेंडेंट केपी यदु का कहना है कि सुपर एमएसटी बनने वाले मेल एक्सप्रेस में एमई लिखकर बनाया जाता था लेकिन अब रेलवे प्रशासन सारे सुपर एमएसटी में आडनरी लिखा देता है जो कि स्लीपर कोच के लिये मान्य नहीं है एवं जनरल में यात्रा करने के लिये वैध है ।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.