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डाउनलोड करेंरायपुर. सरकारी योजनाओं के आठ करोड़ रुपए गबन करने वाले क्लर्क राजेश सारथी को रायपुर की एक कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। जिला कोषालय रायपुर से जारी चैक को आरोपी ने बैंक से आहरित कराने के बाद हितग्राहियों के खाते में जमा करने के बजाए अपने पास रख लिए।
लाखे नगर में रहने वाला आरोपी राजेश एकीकृत बाल विकास परियोजना में सहायक ग्रेड-3 था। 6 फरवरी 12 को जिला कोषालय रायपुर से आरोपी को 780363 रुपए का चेक मिला। आरोपी को इस चैक को बैंक से आहरित कराने के बाद उसे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के खाते में जमा करना था। करीब 6.80 लाख रुपए उसे महिला लक्ष्मी बैंक में जमा करना था और एक लाख रुपए कार्यालय लेकर आना था। आरोपी ने न तो पैसे बैंक में ही जमा किए और न ही कार्यालय लेकर आए। बल्कि तबियत खराब होने के बहाना बताकर छुट्टी पर चले गए।
यह पैसे उसे बाद में भी जमा नहीं किए। आरोपी के खिलाफ इस मामले में डीडी नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीष कुमार दुबे ने इस मामले में आरोप साबित होने पर आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई है।
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