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राम कथा मानव जीवन जीने की कला है : राजीव नयन
रायपुर - आदर्श नगर विकास परिषद द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन राजीव नयन शरन महाराज ने कहा कि धर्म रुपी पंडाल के प्रमुख सात स्तंभ होते हैं। ((जैसे- गाय, देवता, संत, वेद, धर्म और अर्थ)) इन सातों पर जब-जब संकट आता है, धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान श्री कृष्ण ही अनेक रूप धारण करते हैं, प्रकट होते हैं। भगवान राम का अवतार एक मात्र रावण को मारने के लिए नहीं हुआ था, बल्कि जगत के लोगों को चरित्र सिखाने के लिए हुआ था। जीवन में चरित्र ही सर्वश्रेष्ठ है, परिवार के साथ, समाज के साथ, राष्ट्र के साथ हमें कैसा व्यवहार करना चाहिए, यह भी राम चरित्र से हमें प्राप्त होता है। राम कथा मानव जीवन जीने का कला है।
उन्होंने कहा कि जब पृथ्वी कंस के अत्याचार से पीडि़त होकर देवताओं के साथ मिलकर भगवान के पास पहुंची तब भगवान ने पृथ्वी देवी को आश्वासन दिया कि चिंता मत करो हम अवतार लेकर तुम्हारा कष्ट दूर करेंगे साथ ही गोलोक धाम को ८४ कोस की भूमि भी मृत्युलोक में प्रगट होगी इस तरह से कंस के कारागार में बंद वसुदेव-देवकी के समक्ष भगवान चतुर्भुज रूप में प्रगट हुए। उस समय भादो का महीना था, अष्टमी तिथि बुधवार को प्रगट हुए और बाल लीला करने के लिए गोकुल में बाबा नंद के यहां पहुंचे और नंद महोत्सव दिव्य धूमधाम से मनाया गया, साथ ही सजीव झांकी का चित्रण हुआ। आयोजन २ फरवरी तक चलेगा।