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एसी और स्लीपर कोच से लैस हुई कर्मभूमि एक्सप्रेसपहले 19 जनरल बोगी के साथ कुर्ला से कामाख्या को जाती थी कर्मभूमि, पब्लिक डिमांड पर रेलवे ने कोच में किया बदलाव

8 वर्ष पहले
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पब्लिक डिमांड पर रेलवे ने कोच में किया बदलाव
भास्कर न्यूज - रायगढ़
औद्योगिक नगरी को नार्थ ईस्ट के क्षेत्र गोहाटी से जोडऩे वाली कर्मभूमि साप्ताहिक एक्सप्रेस अब पांच एसी और छह स्लीपर कोच के साथ चलने लगी है। आम आदमी को ध्यान में रखकर इस ट्रेन पहले 19 जनरल बोगियों के चलाया जा रहा था। सालभर में अच्छा रिस्पांस नहीं मिलने से ट्रेन में एसी और स्लीपर कोच जोड़े गए हैं।
कुर्ला से कामाख्या को जाने वाले कर्मभूमि एक्सप्रेस के यात्रियों को रेलवे ने नए साल में एक बेहतर सौगात दी है। अब इस ट्रेन के यात्री, अनारक्षित बोगी ((जनरल)) की बजाए आरक्षण बोगी में यात्रा करने का लुफ्त उठा सकते है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 19 जनरल कोच के साथ कुर्ला से कामाख्या और कामाख्या से कुर्ला को जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन कर्मभूमि में एसी व स्लीपर कोच लगा दिए गए जो इससे पहले नहीं लगते थे। स्थानीय सांसद विष्णुदेव साय की पहल पर पिछले वर्ष कर्मभूमि एक्सप्रेस का ठहराव रायगढ़ स्टेशन शुरू हुआ था। इससे शहरवासियों को नार्थ ईस्ट के गोहाटी क्षेत्र से सीधे जुडऩे का मौका मिला। इस बीच जनरल कोच की संख्या घटाकर उसमें 5 एसी और 6 स्लीपर बोगियों को जोडऩे से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। कुर्ला से कामाख्या जाने के दौरान डाउन कर्मभूमि गुरुवार को सुबह 10. 18 में जबकि कामाख्या से कुर्ला अप कर्मभूमि एक्सप्रेस रविवार को देर रात 11.6 बजे रायगढ़ पहुंचती है।
कामाख्या में मां काली का मंदिर-उत्तर पूर्व के क्षेत्र गोहा टी स्थित कामाख्या में मां काली का भव्य मंदिर है। इसकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंदिरों में की जाती है।
इससे वहां देश के साथ ही विदेशी पर्यटक और श्रद्धालुओं को आवागमन लगा रहता है। कर्मभूमि एक्सप्रेस का रायगढ़ में ठहराव होने के बाद स्थानीय लोगों को सीधे देवी स्थल से जुडऩे का मौका मिला है।



कर्मभूमि में अब एसी, स्लीपर कोच

पहले 19 जनरल बोगियों के साथ चलाई जा रही थी कुर्ला- कामाख्या एक्सप्रेस