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एटीएम कार्ड के बदले 300 रुपए नहीं दिए तो हॉस्टल से निकालाजंगल का रास्ता पार करते हुए देर रात घर पहुंची छात्राएं, लैलूंगा श्री रामेश्वरम गुरू आश्रम गहिरा की घटना
भास्कर न्यूज - रायगढ़
नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाने वाले एटीएम कार्ड के बदले छात्र-छात्राओं से श्री रामेश्वर गुरु आश्रम गहिरा के आचार्य ने 300-300 रुपए की मांग की। शाम तक हॉस्टल में रहने वाले कक्षा 12वीं के 38 विद्यार्थी उक्त रकम जमा नहीं कर पाए। इससे नाराज आचार्य मनोहर सिंह सारथी ने देर शाम सभी को आश्रम के हॉस्टल से निकाल दिया। इनमें 19 छात्राएं भी थीं। आचार्य के फरमान के बाद सभी विद्यार्थी वहां से निकल गए और देर रात तक घने जंगल में भटकते रहे।
इनमें से तीन छात्राओं को लैलुंगा की एक नर्स ने पनाह दिया तो 5 बच्चों ने अमलीडीह में अपनी एक सहेली के घर रात बिताई। घटना से नाराज पालकों ने मामले की शिकायत कलेक्टर और एसपी से की है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त बीके राजपूत ने डीईओ को मामले की जांच करने कहा है। गहिरा लैलूंगा ब्लाक का एक दुर्गम गांव है। यहां पहुंचने के सभी रास्ते घने जंगल से होकर जाते हैं। इसके बाद भी आचार्य ने देर शाम 19 छात्राओं और 19 छात्रों को आश्रम से निकाल दिया। ऐसा फरमान जारी करते उन्हें उनकी सुरक्षा की भी परवाह नहीं थी। इनमें से दूसरे दिन मात्र आठ बच्चों के बारे में ही जानकारी मिल सकी बाकी रातभर कहां रहे। घर पहुंचे या नहीं इसकी जानकारी किसी को नहीं है। जो बच्चे अपने घर पहुंच गए उन्होंने घटना की जानकारी अपने पालकों को दी। आचार्य की इस हरकत से छात्रों के पालकों में आक्रोश है। उन्होंने इसकी शिकायत कलेक्टर, एसपी सहित विधायक से की है। इस आश्रम में छात्र-छात्राओं को संस्कृत की विद्या दी जाती है। यहां कक्षा 12 वीं में 38 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
शासन की छात्रवृत्ति योजना के तहत सभी का भारतीय स्टेट बैंक में एकाउंट ख्रोला गया है। सभी के एटीएम कार्ड भी बनवाए गए हैं। आदिवासी विकास विभाग द्वारा सभी स्कूलों में एटीएम कार्ड का वितरण कर दिया गया है, पर कुछ स्कूल प्रबंधकों द्वारा एटीएम कार्ड के बदले छात्र-छात्राओं से शुल्क भी लिए जाने की बात सामने आ रही है। इसमें श्री रामेश्वरम गुरू आश्रम भी शामिल है। यहां नि: शुल्क एटीएम कार्ड के बदले छात्रों से 3 सौ रुपए की अवैध वसूली की जा रही है। मंगलवार की शाम हास्टल से निकाली गई पीडि़त छात्रा मानि प्रधान ने बताया कि उसी दिन सुबह प्रार्थना के दौरान आश्रम के आचार्य मनोहर सिंह सारथी ने बारहवीं के सभी छात्र-छात्राओं को एटीएम कार्ड के बदले 3 सौ रुपए जमा करने के लिए कहा था। -शेष - पेज १४
हास्टल में रहने वाले 38 छात्र-छात्राएं शाम तक रुपए जमा नहीं कर सकें।
इस पर आचार्य ने शाम 4 बजे यह कहते हुए 19 छात्राएं और 19 छात्रों को को यह कहते हुए हास्टल से खदेड़ दिया कि जब तक वे घर से 300 रुपए लेकर नहीं आएंगे तब तक वे हास्टल में अपनी शक्ल न दिखाएं और जो बिना रुपए लेकर वापस आएगा उसकी हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे।
इसके बाद सभी 38 छात्र शाम 4 बजे हास्टल से पैदल निकल गए। हास्टल से निकाले गए छात्र-छात्राओं में जशपुर जिले के साथ कापू, धरमजयगढ़, पुसौर और खरसिया के अलावा घरघोड़ा ब्लाक के भी रहने वाले थे। इनमें से केवल आठ बच्चों के मुकाम तक सुरक्षित पहुंच जाने की खबर है जबकि शेष अभी कहां हैं, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है।
मनमानी - लैलूंगा श्री रामेश्वरम गुरू आश्रम गहिरा का मामला, जंगल का रास्ता पार करते हुए देर रात घर पहुंची कुछ छात्राएं
आपबीती सुनाती हॉस्टल से निकाली गई छात्राएं।
३ छात्राओं को नर्स ने दी पनाह
आश्रम की छात्रा मानि प्रधान ने बताया कि तीन छात्राओं को लैलूंगा की एक नर्स ने पनाह दिया। शाम 4 बजे हास्टल से निकाले जाने के बाद वे 10 किमी की दूरी पैदल तय कर लैलूंगा पहुंचे। इसमें जशपुरनगर निवासी रमिला, सरस्वती और लक्ष्मी भी शामिल हैं। ये तीनों छात्राएं पैदल चलने की वजह से थक गई थी और घर जाने का कोई साधन ढूंढ रही थी, तभी उनपर नर्स की नजर पड़ी। रात करीब 8 बजे नर्स ने उन्हें सुनसान सड़क पर खड़े देखा तो उनसे पूछताछ की। छात्राओं ने जब उन्हें अपनी आप बीती सुनाई तो नर्स ने उन्हें अपने घर में ठहराया।
ड्रेस चेंज भी नहीं करने दिया आचार्य ने
पीडि़त छात्र-छात्राओं ने बताया कि आचार्य ने उन्हें ड्रेस चेंज करने का भी मौका नहीं दिया। उन्हें वैसे ही खदेड़ दिया गया जैसे छात्राएं साड़ी और छात्र धोती कुर्ते में आश्रम जाते हैं। वैसे ही उन्हें घर भेज दिया गया।
फीस लाने के लिए भी लगाई फटकार
हास्टल से निकाले गए छात्र घनश्याम यादव निवासी कुमरता कापू ने बताया कि आचार्य ने हॉस्टल से निकालने से पहले जिन्होंने हास्टल फीस साढे सात हजार रुपए जमा नहीं किया है, उसे पैसा लेकर आने कहा है।
आपबीती सुनाती हॉस्टल से निकाली गई छात्राएं।
चार छात्राएं व एक छात्र रात 11 बजे पहुंचे अमलीडीह
श्री रामेश्वरम गुरु आश्रम गहिरा के आचार्य द्वारा निकाले गए छात्रों में घरघोड़ा अमलीडीह की एक छात्रा शामिल थी। मानि प्रधान नामक इस छात्रा के साथ उसके 4 सहपाठी थे जिनमें एक छात्र भी था। इन्होंने रात में करीब 10 किलोमीटर की दूरी जंगल में पैदल तय की इसके बाद एक बस मिली जिसमें सवार होकर रात करीब 11 बजे अपने घर पहुंचे। उसने अपने घर पर रातभर अपने सहपाठियों को रोका इसके बाद वे सुबह अपने घरों के लिए रवाना हुए। इनमें से दो छात्राएं कापू थाना क्षेत्र के कुमरता की थीं तो एक पुसौर भाटनपाली की रहने वाली थी। छात्र भी कापू कुमरता का रहने वाला था, जो बुधवार की सुबह अपने घर पहुंचा।
खाता खोलने के लिए भी लिए पैसे
38 छात्र-छात्राओं से आचार्य ने बैंक खाता खोलने के लिए भी पांच-पांच सौ रुपए लिए, जबकि छात्रवृत्ति के लिए शासन द्वारा नि:शुल्क में छात्रों का बैंक एकाउंट खोला गया है। ऐसा वहां के छात्र-छात्राओं ने बताया।
30 छात्र-छात्राएं कहां गए पता नहीं
अमलीडीह निवासी व आश्रम की छात्रा मानि प्रधान ने बताया कि 3 छात्राएं लैलूंगा में नर्स की यहां ठहरी, वहीं एक छात्र व तीन छात्राओं को उसने अपने घर में पनाह दिया। इसके लिए अलावा अन्य 30 छात्र-छात्राएं घर पहुंचे भी कि नहीं इसकी सूचना किसी को नहीं है।