- Hindi News
- केसला डुमरमुड़ा खरीद केंद्र से 1968 क्विं. धान जब्तस्थानीय लोगों की शिकायत पर खाद्य विभाग की दबिश, ओ
केसला-डुमरमुड़ा खरीद केंद्र से 1968 क्विं. धान जब्तस्थानीय लोगों की शिकायत पर खाद्य विभाग की दबिश, ओडिशा का धान होने की आशंका, जांच जारी
भास्कर न्यूज - रायगढ़
पुसौर के केसला-डुमरमुडा में खाद्य विभाग ने दबिश देकर 1968 क्विंटल धान जब्त किया है। इसकी शिकायत स्थानीय लोग पिछले कुछ दिनों से एसडीएम और खाद्य अधिकारी से कर रहे थे। जब्त धान ओडिशा का होने की आशंका जताई जा रही है।
जिले के धान खरीदी केंद्रों में गोलमाल का खेल बदस्तूर जारी है। इसका खुलासा बुधवार को उस समय हुआ जब खाद्य विभाग की टीम ने पुसर के केसला-डुमरमुड़ा धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से यह शिकायत की थी कि केसला-डुमरमुड़ा में दूसरे प्रांत का धान तेजी से खपाया जा रहा है। इसमें सोसायटी के लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है। एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल के आदेश पर जिला खाद्य अधिकारी केके घोरे और फूड इंस्पेक्टर चितरंजन सिंह अपने टीम के साथ शिकायत वाले केंद्र में दबिश दी, जहां बेहतर ढंग से पैकिंग कर 4 हजार 375 बोरे धान रखे गए थे। इसका वजन करीब 1968.75 क्विंटल बताई जा रही है। जांच अधिकारियों की पूछताछ में केंद्र प्रबंधक और फड़ प्रभारी ने बताया कि 20 जनवरी से केंद्र में बड़े पैमाने पर धान की खेप आ रही है। जांच में अधिकारियों ने पाया कि जब्त धान का आवक भी फर्जी तरीके से केंद्र के रजिस्टर में दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में जब्त धान, ओडिशा के होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच जारी है।
लोगों की शिकायत पर खाद्य विभाग की दबिश, ओडिशा का धान होने की आशंका
॥स्थानीय लोगों की शिकायत पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई की। केसला-धुमामुड़ा धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी पाए जाने पर 1968 क्विंटल धान जब्त कर मामले की जांच की जा रही है।ञ्जञ्ज
केके घोरे, जिला खाद्य अधिकारी, रायगढ़
॥स्थानीय लोगों की शिकायत पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई की। केसला-धुमामुड़ा धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी पाए जाने पर 1968 क्विंटल धान जब्त कर मामले की जांच की जा रही है।ञ्जञ्ज
केके घोरे, जिला खाद्य अधिकारी, रायगढ़
दोषी किसान का रद्द होगा पंजीयन
पुसौर के केसला-डुमरमुड़ा में जब्त 1968 क्विंटल धान की जांच शुरू हो गई है। इसमें स्थानीय किसानों की फसल, इलाके की पैदावार से धान की मात्रा तय की जाएगी। जांच मे अगर जिस किसान पर आरोप सिद्ध होता है। उसका पंजीयन रद्द कर सख्त कार्रवाई करने की बात जांच अधिकारी कर रहे है।