अपंजीकृत बाल आश्रम पर लगाए जाएंगे ताले
भास्कर न्यूज - रायगढ़
कलेक्टर ने रायगढ जिले में बाल कल्याण से संबंधित संचालित संस्थाओं को सकारात्मक भाव से कार्य करने और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सक्षम बनाया जाएगा।
इसके लिए कलेक्अर ने जिले में संचालित 14 बाल कल्याण संस्थाओं को संस्था का शीघ्र पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने अपंजीकृत संस्थाओं में निवासरत बच्चों को डॉरमेटरी में भर्ती कराने के निर्देश देते हुए कहा कि अपंजीकृत संस्थाओं द्वारा पंजीयन नहीं कराने की स्थिति में संस्था बंद करने की कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने बाल कल्याण संबंधी संस्थाओं के संचालकों, पदाधिकारियों को निर्देशित कर कहा कि वे उनकी संस्था में निवासरत बच्चों की शिक्षा, आवास, स्वच्छता आदि पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने संस्था के अधिक उम्र के बच्चों को शासन की योजना के तहत व्यावसायिक कौशल का प्रशिक्षण दिलाने के भी निर्देश दिए, ताकि बच्चे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके। कलेक्टर ने कहा कि बाल संरक्षण समिति अधिक से अधिक बच्चों को ’गोद‘ दे और उन्हें उनके विकास की मुख्य धारा में शामिल करें। श्री बंसल ने बाल कल्याण से संबंधित योजनाओं, संस्थाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए गांव-गांव में पांप्लेट वितरित कराने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए।
ढाबों, होटलों का होगा सर्वे
कलेक्टर ने जिले में संचालित होटलों, ढाबो का भी समय-समय पर निरीक्षण करने और वहां कार्यरत बाल मजदूरों की जानकारी देने के निर्देश बाल कल्याण संस्था के पदाधिकारियों को दिए है। ताकि ऐसे बच्चों के पुनर्वास की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने ऐसे होटल, ढाबे जहां बाल मजदूर नियोजित है, उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई के निर्देश श्रम विभाग को दिए। बैठक में बाल संरक्षण समिति द्वारा बाल कल्याण के क्षेत्र में उपलब्धियों की जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से दी गई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा, श्रम विभाग के अधिकारी, विशेष दत्तक ग्रहण ट्रस्ट, निर्भय दत्तक संस्था आदि संस्थाओं के पदाधिकारी संचालक उपस्थित थे।