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हॉस्पिटल में मात्र 36 जेनरिक दवाइयां

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रायगढ़
शहर के जिला अस्पताल में मात्र 36 जेनरिक दवाइयां ही उपलब्ध हैं। इन दवाईयों में भी ज्यादातर सदी-खांसी, बुखार, दस्त, दर्द वाली दवाइयां हैं। इन्हें यहां के डॉक्टर चेकअप के दौरान लिखते हैं, वहीं अन्य बीमारियों की दवाईयों की खरीदी के लिए मरीजों को बाहरी मेडिकल दुकानों पर निर्भर रहना होना पड़ता है।
मरीजों को अस्पताल में यह दवाइयां उपलब्ध नहीं होती। ओपीडी के डॉक्टरों द्वारा जो दवाइयां लिखी जाती हैं, उनमें सामान्य बीमारियों के लिए दवा अस्पताल में उपलब्ध है, पर अन्य बीमारियों के लिए जो दवाएं लिखी जाती हैं, उन्हें लेने के लिए बाहरी मेडिकल दुकानों पर जाना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन का भी मानना है कि अस्पताल में सभी बीमारियों के लिए जेनरिक दवाइयां उपलब्ध नहीं होती। यहां उपलब्ध ज्यादातर दवाइयों में बुखार, दस्त, सर्दी-खांसी, दर्द से जुड़ी हुई हैं।




अस्पताल का तर्क

जेनरिक दवाइयों की उपलब्धता पर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों के लिए अस्पताल में प्रर्याप्त प्रकार की दवाइयां उपलब्ध कराई गई है। साथ ही अस्पताल में कार्यरत सभी वार्डन और डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि आपात स्थिति में अगर अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं हो तो, बाहर से खरीद कर उपलब्ध कराया जाए।

आर्थिक स्थिति देखकर लिखते हैं दवा

मामले में डाक्टरों का कहना है कि जिला अस्पताल में यूं तो सभी लोगों के लिए सामान्य व्यवस्था है, पर मरीजों को आर्थिक स्थिति के अनुसार भी दवा तय की जाती है। अगर कोई मरीज दवा खरीदने के लिए सक्षम हैं ,तो आपको दूसरी दवा लिखी जाती है, वहीं अस्पताल में दुर्घटना या अन्य घटनाओं के इलाज के लिए सिर्फ कॉटन, सीरिंज, पेन किलर, सहित फस्र्ट एड वाली उपलब्ध कराई जाती है। इलाज के लिए शेष दवाइयां या तो खरीद कर लाई जाती है या फिर मरीज अज्ञात है तो उन्हें सामाजिक संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। अस्पताल द्वारा सिर्फ उन्हें भर्ती कर अपनी इतिश्री कर ली जाती है। कुछ मरीजों ने बताया कि वे ज्यादातर दवाइयां खरीद कर लाए हैं, अस्पताल प्रशासन से कुछ ही दवाइयां उपलब्ध हो पाई है।