पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • टिकट काउंटर के कर्मचारी यात्रियों की जेब पर डाल रहे डाकाअशिक्षित व ग्रामीण यात्रियों को शिकार ब

टिकट काउंटर के कर्मचारी यात्रियों की जेब पर डाल रहे डाकाअशिक्षित व ग्रामीण यात्रियों को शिकार बनाते है रेलवे के बुकिंग स्टॉफ भास्कर की पहल पर नाबालिग यात्री को टिकट काउंटर से मिला न्याय

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
फोटो- 12 व 13

रायगढ़: रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर बुकिंग स्टॉफ, यात्रियों से निर्धारित टिकट दर से अधिक की राशि वसूल रहे है। इसका शिकार, ग्रामीण और अशिक्षित रेल यात्रियों को होना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी बुकिंग कर्मचारी ने एक मामले में फर्जीवाड़ा कर 20 रुपए डकार लिया। भास्कर की पहल के बाद पीडि़त यात्री को न्याय मिला और बुकिंग स्टॉफ ने अपनी गलती मानी।

रेल टिकट की कीमत 206 रूप, पर बुकिंग स्टॉफ ने वसूले 280 रुपए वो भी डंके की चोट पर। यह घटना, रिजर्वेशन टिकट काउंटर पर नहीं बल्कि सामान्य टिकट काउंटर की है, जहां प्रतिदिन करीब 12-13 हजार यात्री, वैध टिकट लेकर अपनी यात्रा पूरी करते है। मामला शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे का है। जब डाउन साउथ बिहार, इतवारी-टाटा पैसेंजर के साथ अप में उत्कल एक्सप्रेस के आने का समय था। टिकट काउंटर पर यात्रियों की लंबी कतार लगी हुई थी। इस बीच टिकट काउंटर नंबर 2 पर जांजगीर के डभरा स्थित बसंतपुर निवासी 15 वर्षीय दर्शन पिता दयाराम पहुंचा। जिसमें निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन का टिकट मांगा, जब नाबालिग यात्री ने 3 सौ रुपए बुकिंग क्लर्क को दिए तो उसने आसानी से 20 रुपए लौटा कर हटने को कहा। जबकि टिकट पर किराया 260 रुपए अंकित था। इस बीच पीछे खड़े एक अन्य यात्री की नजर नाबालिग के हाथ में मौजूद टिकट पर लिखे दर व वापस किए गए 20 रुपए पर पड़ी। शुभचिंतक यात्री ने नाबालिग से बुकिंग स्टॉफ से 20 रुपए की मांग करने को कहा, जो उसने कम दिए थे। इसकी कोशिश भी नाबालिग ने की। पर ऑन ड्यूटी स्टॉफ ने उसकी बातों को झुठलाते हुए काउंटर से हटा दिया। पीडि़त ने अपनी कहानी भास्कर को बताई। जिसपर भास्कर की पड़ताल के बाद रेल कर्मचारी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 15 रुपए का एक अतिरिक्त सुपर फास्ट टिकट का जारी कर 5 रुपए और लौटाए। इस बीच रेल कर्मचारी अपनी सफाई देते रहे कि भीड़ है, गलती हो जाती है। लेकिन जाने-अंजाने में उनकी पूरे दिन की गलती का खामियाजा यात्रियों को अतिरिक्त जेब ढ़ीली कर भुगतना पड़ता है।





टिकट क्लर्क यात्रियों की जेब पर डाल रहे डाका