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स्वास्थ्य विभाग के ग्रेड-3 की भर्ती में धांधली उजागर

8 वर्ष पहले
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शिकायतकर्ता के आवेदन पर सीईओ की जांच में हुआ खुलासा, सितंबर 2013 में 38 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
भास्कर न्यूज - रायगढ़
सीएमओ आफिस में सहायक ग्रेड 3 की भर्ती में धांधली का खुलासा हुआ है। कोर्ट के आदेश पर कलेक्टर ने मामले की जांच जिला पंचायत सीईओ से कराई। इसमें आवेदक के बिंदुवार शिकायत में अधिकांश सही पाए गए है। सीईओ ने जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। ऐसे में, योग्य आवेदकों की नजर अब कलेक्टर के फैसले पर टिकी हुई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में सहायक ग्रेड 3 की भर्ती शुरू से ही विवादों में है। बात चाहे 38 पदों के लिए हुए कौशल परीक्षा की हो या फिर मेरिट लिस्ट की। विभाग सेटिंग का खेल खूब खेला गया। इससे कई योग्य उम्मीदवार चयन सूची से बाहर हो गए। उन्हीं में से एक हैं शहर के कोष्टापारा निवासी सुनीता देवांगन। घर में ही एक छोटी सी कंप्यूटर टाइपिंग की दुकान से सुनीता अपने पूरे परिवार का जीवन-यापन करती हैं। सुनीता की माने तो पूरी बहाली प्रक्रिया के दौरान सेटिंग का खेल खेला गया है। जिसकी शिकायत 17 बिंदुओं के साथ कलेक्टर, मुख्यमंत्री, राज्यपाल से करने के बाद कोर्ट में की गई। सुनीता की इस लड़ाई में उसके पति रवि देवांगन ने भी भरपूर साथ दिया। कोर्ट के आदेश पर कलेक्टर श्री मुकेश बंसल ने भर्ती मामले की जांच जिला पंचायत के सीईओ राजेश सिंह राणा को सौंपी। जांच अधिकारी श्री राणा ने शिकायतकर्ता के सभी बिंदुओं पर बारीकी से पड़ताल की। जिसमें चयनित उम्मीदवारों के नाम, पिता का नाम, पता के साथ ही उनके धर्म भी बदल दिए गए है। जिसकी पुष्टि, सूचना के अधिकार के तहत विभाग से मिले डाटा में हुई है। जांच के दौरान कई शिकायतें सही पाई गई है। जो पूरे भर्ती प्रकिया व विभागीय अधिकारी, कर्मचारी की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रही है। जिपं सीईओ ने अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर श्री बंसल को सौंप दी है। इससे मेरिट लिस्ट से बाहर हुए उम्मीदवारों की नजर कलेक्टर श्री बंसल द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर आकर टिक गई है।