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खाद्य सुरक्षा अधिनियम में मात्र 194 पंजीयन
भास्कर न्यूज - रायगढ़
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के लिए शहर में अब तक मात्र 194 लोगों ने ही अपना पंजीयन कराया है। जबकि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंजीयन कराने की अंतिम तिथि 4 फरवरी तक निर्धारित की गई है। इस तिथि के उपरांत जिन खाद्य विक्रेताओं के दुकान का पंजीयन नहीं होगा, उन्हें 6 माह का कारावास और 5 लाख आर्थिक दंड जमा करना होगा।
कानून को लागू होने के बाद शहर के 194 छोटे खाद्य विक्रेताओं ने अपनी दुकान का पंजीकरण कराया है, जबकि इस कानून को लागू हुए दो साल से ज्यादा का समय गुजर चुका है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में तकरीबन 500 से ज्यादा दुकानों में खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है। इन दुकानों में कई ऐसे पदार्थ भी बेचे जाते हैं, जिनकी गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरती। साथ ही उनके मूल्यों में भी अंतर होता है। इन कानून के द्वारा ऐसे अवैध बिक्री पर रोक लगाई जा सकती है। बाजार में कई प्रकार के खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, लेकिन इनकी गुणवत्ता की तरफ ना तो स्वास्थ्य विभाग और न ही ग्राहकों द्वारा दिया जाता है। इसके कारण अक्सर वे खाद्य पदार्थों की खरीदी करते समय ठगी के शिकार हो जाते हैं। भारत सरकार के बनाए गए खाद्य एवं सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 ऐसे विक्रेताओं के लिए बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत ऐसे सभी दुकानदार जिसमें किराना व्यवसायी, रेस्टोरेंट, छोटे-छोटे चाय दुकान, मिठाई दुकान सहित ऐसे सभी दुकानें जहां किसी प्रकार की खाद्य पदार्थ की बिक्री की जाती है। उनके लिए पंजीयन और लाइसेंस लेना अनिवार्य है। सब्जी विक्रेताओं को इससे दूर रखा गया है।
12 लाख तक के सालाना
कारोबारी का पंजीकरण
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुसार 12 लाख तक सालाना कारोबार करने वाले सभी खाद्य विक्रेताओं का पंजीकरण अनिवार्य है। वहीं 12 लाख से अधिक वार्षिक कारोबार करनेवाले दुकानदारों को लाइसेंस बनाए जाने का प्रावधान है।
॥खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतिम तिथि 4 फरवरी निर्धारित की गई है। पंजीकरण के लिए इस तिथि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा तथा इस तिथि के बाद जिन दुकानों का पंजीकरण नहीं होगा, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, साथ ही उन पर जुर्माना भी किया जाएगा।
जी. ईश्वर राव, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर पालिक निगम, रायगढ
4 फरवरी है
अंतिम तिथि
दुकान का पंजीकरण और लाइसेंस बनाने के लिए नगर पालिक निगम और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 4 फरवरी तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इन उपरांत जिन दुकानों का पंजीकरण नहीं किया होगा, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को छह महीने का कारावास और पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
पंजीयन न कराने पर है दंड का प्रावधान, छोटे खाद्य विक्रेताओं ने नही दिखाई रुची