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संजय कांप्लेक्स की दुकानों का दुबारा सर्वे

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रायगढ़

संजय कॉम्पलेक्स के विवाद को सुलझाने के लिए गुरुवार को जिला प्रशासन और नगर पालिक निगम के द्वारा पुन: सर्वे किया गया। इस सर्वे के आधार पर यहां पसरा निर्माण के लिए जगह आवंटित किया जाएगा। सर्वे के लिए एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल, नगर पालिक निगम के महापौर महेन्द्र चौहथा, आयुक्त राकेश जायसवाल, तहसीलदार कैलाश नाथ मिश्रा सहित कई कर्मी मौजूद थे। कॉम्पलेक्स का सर्वे पुरानी सूची के आधार पर किया गया। इस सूची के अनुसार यहां कुल 380 पसरा दुकानों में कितनी दुकानें वर्तमान में यहां लगती है, इसकी पड़ताल की गई। इस दौरान सब्जी विक्रेताओं के पहचान के लिए विशेष तौर पर यहां लगने वाले सभी सब्जी विक्रेताओं की फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई थी।

3 साल पहले बना था प्राक्कलन-संजय कॉम्पलेक्स में लगने वाले पसरा दुकानों के आवंटन के मुद्दे पर 3 साल पहले तत्कालीन आयुक्त भुनेश यादव द्वारा प्राक्कलन तैयार किया गया था। इसे 26 मार्च 03 की परिषद की बैठक में बहुमत से पारित किया गय । इस प्राक्कलन में कॉम्पलेक्स की 183/214 वर्गफुट की जमीन को प्रति वर्ग फीट 1000 रुपए की दर से आवंटित करने के लिए मंजूरी दी गई थी। इसके अनुसार 380 पसरा दुकानों के लिए 8/8 फीट और छोटे व्यवसायियों हेतु 15/16 फीट के भूखंड एवं बड़े व्यवसायियों के लिए 20/40 की 9 दुकानें आवंटित करने की मंजूरी दी गई थी।

इसको लेकर यहां के व्यवसायियों और निगम के विपक्ष सदस्यों ने आपत्ति जताई थी वहीं 30 जुलाई 2012 को हुए बैठक में पूर्व प्राक्कलन के आधार पर नक्शा तैयार किया गया। लेकिन इस नक्शे में जो दुकानें बनाई गई थी, उनमें दुकानों की जमीन को कम कर दिखाया गया। साथ ही पूर्व सर्वे में 39114 वर्गफुट की जमीन को घटाकर 35500 वर्गफीट कर दिया गया। जिसे लेकर कॉम्पलेक्स के दुकानदारों और निगम के बीच विवाद बढ़ गया।



किराए में अंतर

निगम द्वारा थोक सब्जी विक्रेताओं के लिए पटेल पाली में व्यवस्था की गई थी। यहां थोक विक्रेताओं को प्रति वर्गफीट 735 रुपए की दर से पक्की दुकानों का आवंटन किया गया था, वहीं संजय कॉम्पलेक्स के छोटे दुकानदारों को टीन के शेड वाली दुकानों के आवंटन के लिए 1000 रुपए प्रति वर्गफुट करने की मांग की गई। इससे यहां के विक्रेताओं में रोष था। साथ ही यहां के कुछ थोक विक्रेताओं को पटेल पाली में दुकान आवंटित की गई थी, लेकिन इसके बावजूद निगम द्वारा यहां आवंटित दुकानों को निरस्त नहीं किया गया। इस विषय को लेकर कई बार थोक और खुदरा विक्रेताओं के बीच विवाद हो चुका है।

सर्वे में प्रशासनिक अधिकारी के साथ महापौर।





विवाद - जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्तरुप से किया सर्वे