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धान खरीदी केंद्र पर एसडीएम की दबिशसमिति प्रबंधक के खिलाफ दर्ज होगा एफआईआर, छिंद केंद्र में मिली खामियां

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज.रायगढ़
धान समिति केंद्र में ओडीशा का धान खपाए जाने व कोसीर क्षेत्र के छिंद, गाताडीह धान समिति केंद्र में समिति प्रबंधकों के द्वारा कोचियों व जिन किसानों के पास जमीन नहीं उनके द्वारा भी हजारों क्विंटल धान बेचने की खबर प्रकाशित करने के बाद जिला प्रशासन सख्त रवैया अपनाया है। कलेक्टर के निर्देश पर शनिवार को सारंगढ़ एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले ने छिंद धान समिति केंद्र में दबिश दी। जहां उसी प्रकार की खामियां मिली है। जिस तरह दैनिक भास्कर ने प्रकाशित किया था। मिली अनियमितताओं की जांच प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर मुकेश बंसल को सौंपा जाएगा। उसके बाद समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारी व उन किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाएगा। -शेष पेज 18



जिन्होंने दूसरे किसानों की ऋण पुस्तिका लेकर समर्थन मूल्य पर धान बेचा है।
जिला मुख्यालय से करीब 60 से 70 किमी दूर बसा सारंगढ़ विकासखंड अंतर्गत कोसीर क्षेत्र के गाताडीह, छिंद सहित अन्य धान खरीदी केंद्र में ओडीशा का धान खपाने के साथ-साथ समिति प्रबंधकों की मिलीभगत से उन किसानों के द्वारा भी हजारों क्विंटल धान बेचा गया है जिनके पास फूटी कौड़ी भी जमीन नहीं है। इसकी पड़ताल कर दैनिक भास्कर के द्वारा शुक्रवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। इसके बाद कलेक्टर ने उन सभी संदिग्ध किसानों की कृषि रकबा भूमि सत्यापन करने के निर्देश दिए और साथ ही सोसायटियों में धान स्टाक की जांच करने के लिए भी आदेशित किया। इस पर शनिवार को सारंगढ़ एसडीएम एमएल साहू अपने मातहत कर्मचारियों के साथ छिंद धान खरीदी केंद्र में दबिश दी। जहां प्रशासनिक टीम को बारदाना में कमी, मोटा व पतला धान में एक ही प्रकार की सुतली लगा हुआ मिला। साथ ही वे सारी खामियां मिली जिस तरह से दैनिक भास्कर ने पड़ताल कर गाताडीह व छिंद धान समिति केंद्र में गड़बड़ी बताई थी। प्रशासनिक टीम शनिवार की देर रात तक जांच में जुटा हुआ था।







॥छिंद धान खरीदी केंद्र में जांच के दौरान समिति प्रबंधक द्वारा अपने परिवार के सदस्यों की धान खरीदने का मामला सामने आया है जिनके नाम पर जमीन ही नहीं है। साथ ही प्रबंधक द्वारा उस धान को भी खरीदा गया है जिसे उठाने के लिए राइस मिल संचालकों का डीईओ कटा हुआ था। हनुमान, आकांक्षा व लक्ष्मी राइस मिल में जांच चल रही है। जांच उपरांत सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाएगा।

एमएल साहू, एसडीएम सारंगढ़

बोनस के लालच में मिलरों का धान खरीदा

प्रशासनिक टीम ने जांच के दौरान पाया कि तीन राइसमिल संचालकों का डीईओ कटा हुआ था, लेकिन उन्होंने धान का उठाव नहीं किया था। समिति प्रबंधक के द्वारा बोनस का लाभ पाने के लिए इसी धान का आवक स्टाक में बताया गया है। 1310 रुपए की धान को 1365 रुपए में राइस मिलरों से 55 रुपए प्रति क्विंटल अधिक देकर खरीदा है और उस धान को 1310 रुपए में ही समर्थन मूल्य पर बेचा है।

बहन, पिता व बेटी के नाम पर खरीदा धान

छिंद समिति केंद्र के प्रबंधक द्वारा न सिर्फ ओडीशा से आए धान व कोचियों का धान खरीदा है, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर करीब 16 सौ क्विंटल भी धान खरीदा है। इसमें उसकी बेटी, बहन व पिता के नाम शामिल है। इनके नाम से किसी प्रकार की कोई कृषि भूमि नहीं है। लिहाजा प्रशासनिक टीम देर रात इसकी जांच में जुटी । कृषि भूमि नहीं होने के बाद भी सदस्यों के नाम से धान खरीदने वाले पर एफआईआर दर्ज होगी।