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10 प्रतिशत जमीन एलआईजी के लिए छोडऩी होगी जगह
ईडब्ल्यूएस के लिए अलग जमीन देने पर नगर निगम की कार्रवाई
भास्कर न्यूज. रायगढ़
गरीबों के लिए पर्याप्त जमीन छोड़े बिना नक्शा पास करने के मुद्दे पर नया पेंच आ गया है। नगर निगम द्वारा ईडब्ल्यूएस के लिए अलग जमीन देने की बात पर मौजूदा जमीन में 10 प्रतिशत एलआईजी मकान निर्माण की स्वीकृति दी है। नगर निगम के मानचित्रकार प्रतुल श्रीवास्तव के अनुसार अगर कॉलोनी निर्माण में ईडब्ल्यूएस के लिए 15 प्रतिशत जमीन नहीं छोड़ी जा रही है और दो किलोमीटर की त्रिज्या में उतनी ही जमीन दी जा रही है, तो मौजूदा जमीन पर 10 प्रतिशत जमीन पर एलआईजी मकान का निर्माण किए जाने का प्रावधान है।
इसके अनुसार अब मौजूदा कंपनी को 15 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस के लिए अलग जमीन निगम को देना होगा और प्लांट के 10 प्रतिशत जमीन पर 900 वर्गफीट के एलआईजी फ्लैट बनाकर उन्हें सामान्य कीमतों पर बेचना होगा। शहर के बिल्डरों के द्वारा गरीबों के लिए ईडब्ल्यूएस की जमीन बिना छोड़े नक्शा पास किए जाने को लेकर भास्कर द्वारा खबर प्रकाशित की गई थी। इसमें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के द्वारा बिना नियमों के जानकारी के नक्शा पारित करने की बात कही गई थी। जिसे बाद में निगम के अधिकारियों द्वारा गलत बताकर नक्शा में सुधार करने की बात कही गई थी। इस मामले में कलेक्टर मुकेश बंसल द्वारा दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही गई।
क्या था मामला
मिट्ठुमुड़ा ट्रांसपोर्टनगर के एक बिल्डर के 10 एकड़ की प्लाट के लिए बने ले आउट को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा नक्शा पारित किया गया था। लेकिन इस जमीन पर ईडब्ल्यूएस के लिए जरुरी 15 प्रतिशत जमीन छोड़े जाने के संबंध में कोई जिक्र नहीं किया गया था। बाद में निगम की आपत्ति पर बिल्डर के द्वारा प्लाट के 1.5 किलोमीटर की त्रिज्या में ईडब्ल्यूएस के लिए जगह देने की बात कही गई थी। लेकिन निगम का कहना था कि बिल्डर द्वारा मौजूदा प्लॉट और दूसरी प्लॉट की जमीन उनकी अपनी है, इस आधार पर पुराने आवंटन गलत है, इसलिए दोनों जमीन के योग के आधार पर जगह छोडऩे की बात कही गई। जिसे बिल्डर द्वारा देने से इंकार करते हुए नियमों की मांग की गई थी। जिस पर निगम ने कार्रवाई करते हुए मौजूदा जमीन पर 10 प्रतिशत जमीन एलआईजी क्वार्टर के लिए छोडऩे की अनुशंसा की है।