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उप पंजीयक और पटवारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
भास्कर न्यूज.रायगढ़
कलेक्टर श्री मुकेश बंसल ने रायगढ़ छत्तीसगढ़ जिले के जनजाति वर्ग के एक व्यक्ति की जमीन उड़ीसा के जनजाति वर्ग के व्यक्ति को विक्रय करने में मिली भगत के आरोप एवं बेनामी नामांतरण पर उप पंजीयक और पटवारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा अनुविभाग के ग्राम बरपाली तहसील तमनार के कलेक्टर न्यायालय रायगढ़ में दर्ज राजस्व प्रकरण क्रमांक 13/अ-2/2013-14 ((पक्षकार सुशील लकड़ा आ.श्री अलफास लकड़ा विरूद्ध छत्तीसगढ़ शासन)) में संलग्न बी.1 की नकल के अवलोकन में पाया गया कि आवेदक सुशील लकड़ा वल्द श्री अलफांस लकड़ा ग्राम-तमरा, पोस्ट आफिस एवं तहसील बनकी जिला-सुंदरगढ़ ((उड़ीसा)) का मूल निवासी है। आवेदक सुशील लकड़ा पिता अलफांस लकड़ा निवासी-सुंदरगढ़ ((उड़ीसा)) के नाम ख.नं. 35/ 1 ख रकबा 8.100 हे.ख.नं.35/1 ग रकबा 10.115 हे.एवं ख.नं. 35/1 क 9.759 हे.कुल ख.नं. कुल रकबा 27.974 हे.भूमि.अभिलिखित है। संविधान के अनुच्छेद 341 व 342 के तहत विभिन्न राज्य के लिए अनुसूचित जाति / जनजाति की सूची अपने राज्य तक ही सीमित है। अनुसूचित जाति / जनजाति प्रवजन संबंधी नियम के अनुसार जो व्यक्ति जिस राज्य का मूल निवासी था, उसी राज्य के लिए उसे अनुसूचित जाति या जनजाति माना जायेगा, अन्य दूसरे राज्यों में नहीं। उपरोक्त नियमों के परिप्रेक्ष्य में आवेदक सुशील लकड़ा पिता अलफांस लकड़ा निवासी सुंदरगढ़ ((उड़ीसा)) द्वारा ग्राम-बरपाली तहसील तमनार स्थित आदिवासी वर्ग के व्यक्तियों से उक्त भूमियों के संबंध में किए गए समस्त संव्यवहार बेनामी अंतरण की श्रेणी में आता है। कलेक्टर ने प्रकरण में छ.ग.भू-राजस्व संहिता की धारा 170 ((ख)) के तहत प्रकरण भी दर्ज कर त्वरित कार्यवाही करें। एसडीएम घरघोड़ा को निर्देशित किया है और आदेश में कहा गया है कि आवेदक सुशील कुमार लकड़ा पिता अलफास लकड़ा निवासी सुंदरगढ़ ((उड़ीसा)) द्वारा आदिवासी वर्ग की भूमि को पटवारी व उप पंजीयक से मिली भगत कर भूमि क्रय किया गया है, अतएव संबंधित पटवारी व उप पंजीयक के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराते हुए इस कार्यालय को तत्काल अवगत कराना सुनिश्चित करें। जारी पत्र में कलेक्टर ने कहा है कि घरघोड़ा अनुविभाग अंतर्गत उपरोक्त प्रकार के समस्त संव्यवहार को संज्ञान में लेते हुए उपरोक्तानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करें, तथा इस संबंध में आपके द्वारा की गई कार्यवाही से समय-सीमा की बैठक में अवगत करावें।
मिलीभगत कर जनजाति की भूमि का विक्रय