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नोट बदलने के लिए दिखाना होगा ‘आइडीप्रूफ’

7 वर्ष पहले
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ञ्चरिजर्व बैंक के नए
दिशा निर्देश में
भास्कर न्यूज - रायगढ़
आरबीआई द्वारा 1 अप्रैल से बैंकों में 2005 से पहले के पुराने नोट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्देश के अनुसार 1 अप्रैल से 30 जून की अवधि के बीच किसी भी पुराने नोट को बिना किसी परेशानी के बदले जा सकते हैं, वही 1 जुलाई के बाद 500 और 1000 रुपए के नोट को बदलने के लिए ग्राहकों को बैंक में पेन कार्ड और आइडीप्रुफ जमा करना होगा। इस नियम में वैसे ग्राहक शामिल होंगे जो बैंकों में 10 या उससे ज्यादा नोट जमा करने आएंगे। इसके लिए सभी निजी और सरकारी बैंकों में अलग से काउंटर बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
आम लोगों के जेहन में दो सबसे बड़े सवाल ये हैं कि वो कैसे कि उनके पास जो नोट है वो 2005 से पहले का है। ऐसे में अगर ग्राहकों को नोट पहचानने के लिए नोट को गांधी की तस्वीर वाली से उलटी तरफ पलट लें। इसके बाद सबसे नीचे नजर डालें। नोट के नीचे बारीक अक्षरों में एक साल दर्ज है। यह वह साल है, जब इस नोट को जारी किया गया। लेकिन जो नोट 2005 के पहले जारी किए जारी किए गए हैं, उनमें साल दर्ज नहीं है। इससे आप नोटों की पहचान कर सकते हैं।



पांच के नोट हैं तो आएगी परेशानी

अगर किसी ग्राहक के पास पांच, एक, दो रुपए के नोट हैं, तो उन ग्राहकों को अपने सारे नोट बैंकों में जमा करने होंगे। क्योंकि आरबीआई द्वारा वर्तमान में एक, दो, पांच के नोटों का छपाई बंद कर सिर्फ सिक्के जारी किए जा रहे हैं। इस आधार पर संभव है कि आने वाले दिनों में इन नोटों का प्रचलन पूरी तरह से बंद हो सकता है।

॥आरबीआई के द्वारा 2005 से पहले के सभी नोट बैंकों में वापस जमा करने के लिए कहा गया है। 1 अप्रैल से 30 जून तक सभी नोट बदले जा सकते हैं। 1 जुलाई से 500, 1000 रुपए के 10 या उससे अधिक नोट बदलने के लिए आईडीप्रुफ और पैन कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा।

एलडी अग्रवाल, प्रबंधक, एसबीआई मुख्य शाखा, गांधी गंज

अवैध कारोबारियों

को होगा लाभ

आरबीआई के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से 30 जून के बीच पुराने नोट बदला जा सकता है। इस दौरान नोट बदलने के लिए किसी प्रकार दस्तावेज बैंक में नहीं जमा करने होंगे, लेकिन आरबीआई के निर्देश में ये स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस दौरान कितनी संख्या में नोट बदले जा सकते हैं। इसका फायदा अवैध कारोबारी उठा सकते हैं। ज्यादातर अवैध कारोबारी 1 अप्रैल से 30 जून के बीच अपनी जमा राशि को बदलने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि मौजूदा कानून के मुताबिक 50 हजार से अधिक के सभी प्रकार के लेनदेन करने वालों को पैन नंबर देना जरूरी बनाया गया है। आरबीआई के द्वारा नोट बदलने के लिए इस नियम का इस्तेमाल किया जा सकता है।



पुराने नोट का

रहेगा महत्व

रिजर्व बैंक द्वारा 2005 से पहले नोट को बैंकों में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं, पर बाजार में पुराने नोट का चलन बना रहेगा। हालांकि संभव है कि कुछ लोगों द्वारा पुराने नोट को लेने से इंकार किया जाए। इस स्थिति में नजदीकी बैंक से उस नोट को बदला जा सकता है।

बैंकों ने शुरू की तैयारी

2005 से पहले के सभी नोट बदलने के लिए शहर के बैंकों द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है। गांधी गंज स्थित एसबीआई के मुख्य शाखा के प्रबंधक एलडी अग्रवाल का कहना है कि इसके लिए सभी बैंकों में अलग से काउंटर बनाने के लिए कहा गया है। जिस पर तैयारी शुरू हो गई है। ग्राहक चाहे तो अभी से भी अपने पुराने नोट बदल सकते हैं।