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आवक धान के सत्यापन के लिए कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
रायगढ़. कलेक्टर मुकेश बंसल ने सभी तहसीलदारों को जिले में एक फरवरी से 15 फरवरी तक आवक धान के सत्यापन के संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने दूसरे राज्य से आ रहे धान पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक खरीदी केंद्र से पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को आवक का प्रत्येक दिन का हिसाब भेजने के लिए कहा।
कलेक्टर बंसल ने कहा कि धान खरीदी के अंतिम चरणों में काफी अनियमितता की शिकायतें प्राप्त होती है। इसके मद्देनजर उन्होंनें तहसीलदारों को निर्देश दिया कि वे एक से 15 फरवरी तक स्वयं अपने क्षेत्रांतर्गत आने वाले सभी धान खरीदी केन्द्रों में 50 हजार रुपए से अधिक मात्रा के किए गए धान विक्रेता कृषक का सत्यापन उपरांत ही केन्द्र प्रभारी को धान खरीदी की अनुमति दें। जिन धान खरीदी केन्द्रों में वास्तविक कृषक के अतिरिक्त किसी बिचौलिए या दलाल द्वारा धान विक्रय किया जाना प्रमाणित होता है, तो संबंधित समिति प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 में धान उपार्जन केन्द्रों में बिचौलियों और दलालों द्वारा उड़ीसा से धान लाकर विक्रय करने की शिकायत प्राप्त होने पर सभी एसडीएम एवं उप संचालक कृषि रायगढ को प्रत्येक धान खरीदी केन्द्रों में एक-एक योग्य पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की ड्यूटी लगाकर प्रतिदिन सोसायटी में आवक धान का कृषकवार विवरण भेजने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पटवारियों को पटवारियों को धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को ऋण पुस्तिका में उनके द्वारा प्रस्तुत रकबे के आधार पर धान उत्पादन के रकबे का सत्यापन करने के लिए कहा, ताकि वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी की जा सके। यदि किसी कृषक के द्वारा 50 हजार रुपए से अधिक का धान विक्रय किया जा रहा है तो ऐसे कृषकों का भुगतान पटवारी के परीक्षण उपरांत नियमानुसार समिति द्वारा किए के भी निर्देश दिए गए। परंतु संबंधित पटवारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा कोई कारगर कार्यवाही न करने के कारण धान खरीदी केन्द्रों में अनेक अनियमितता की शिकायत प्राप्त हो रही है। सोसायटी द्वारा भी धान खरीदी केन्द्रों में अब खरीदी के पूर्व उपरोक्त तथ्यों की जांच किए बिना धान खरीदी करने की शिकायतों प्राप्त हो रही है,जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। उन्होंनें एक से 15 फरवरी तक आवक धान के सत्यापन हेतु सख्त निर्देश दिए हैं।