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छिंद समिति प्रबंधक, ऑपरेटर को हटाया, संचालक मंडल भंग
दैनिक भास्कर ने खबरों के माध्यम से उजागर किया था फर्जीवाड़ा।
भास्कर न्यूज - रायगढ़
छिंद और गाताडीह समिति केंद्र में प्रबंधक द्वारा कोचियों से ओडीशा का धान खरीदा जा रहा था, वहीं ऐसे लोगों से धान की खरीदी की जा रही थी, जिनके पास जमीन ही नहीं थी।
दैनिक भास्कर ने छिंद में चल रहे इस गोरखधंधे को उजागर किया तो कलेक्टर मुकेश बंसल ने जांच के आदेश दिए। जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर सोमवार को छिंद समिति प्रबंधक और ऑपरेटर को हटा दिया गया है और संचालक मंडल को भी भंग कर दिया गया। कोसीर क्षेत्र के छिंद और गाताडीह में न सिर्फ ओडीशा का धान खरीदा जा रहा था, बल्कि उन किसानों का भी धान खरीदा गया था, जिनके पास पर्याप्त कृषि भूमि नहीं है। बोनस का लाभ उठाने के लिए समिति प्रबंधक व्यापारियों के साथ मिलकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे। इस पर्दाफाश दैनिक भास्कर ने किया। इस पर जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया। - शेष पेज १४
और कलेक्टर के निर्देश पर सारंगढ़ एसडीएम प्रशासनिक अमले के साथ छिंद व गाताडीह समिति केंद्र में दबिश दी। समिति केंद्र में जिस तरह से अनियमितताएं उजागर हुई, उसको प्रशासन के भी होश उड़ गए। दरअसल, समिति प्रबंधक न सिर्फ बोनस का लाभ उठाने के लिए राइस मिलर के कटे डीईओ का धान को अधिक कीमत चुकाकर खरीदा था, बल्कि समर्थन मूल्य पर उसी धान को अपने पिता, बेटी और बहन के नाम से खरीदा गया था। इसके अलावा ऐसे किसानों से भी हजारों क्विंटल धान खरीदा गया है, जिनके पास कृषि रकबा भूमि ही नहीं है। एसडीएम से जांच रिपोर्ट मिलने पर कलेक्टर ने सोमवार को छिंद समिति केंद्र के प्रबंधक आनंद राम रात्रे, ऑपरेटर जोगेंद्र रात्रे, संचालक मंडल के सदस्य कन्हैया जांगड़े, अध्यक्ष बरत राम व संचालक मंडल के पदाधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए है। कार्पोरेटिव इंस्पेक्टर एएस तिग्गा को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने देर से ही भले ही गोरख धंधा करने वालों के खिला कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। इससे समिति प्रबंधकों में हड़कंप मच गया है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि देर से सचेत होने की वजह से कई समिति प्रबंधक गोल माल कर लाखों रुपए अंदर कर चुके हैं।
कार्रवाई - कोचियों और फर्जी किसानों ओडीशा का धान खरीदने का मामला
किसानों के खिलाफ भी होगी एफआईआर
प्रशासनिक अमले ने संदिग्ध किसानों की जमीन का भौतिक सत्यापन किया, जिनके पास कृषि रकबा भूमि ही नहीं है और उन्होंने हजारों क्विंटल धान बेचा है। लिहाजा गाताडीह समिति केंद्र में 32 किसानों के नाम सामने आए हैं। अब समिति प्रबंधक और फड़ प्रभारी के साथ उन किसानों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
विपणन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी
छिंद समिति केंद्र में भारी मात्रा में अनियमितताएं उजागर होने पर कलेक्टर मुकेश बंसल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला विपणन अधिकारी आरएस लहमौर को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीएमओ पर गाज गिरने की वजह भारी खामियां मिलने को बताया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर भी धान खरीदी केंद्रों की जांच नहीं करने की वजह से विपणन अधिकारी को भारी पड़ा।
32 किसानों का बोनस रोकने का आदेश
कलेक्टर ने उन सभी किसानों का बोनस रोकने के आदेश दिए, जिनके पास पर्याप्त कृषि भूमि नहीं है और उन्होंने हजारों क्विंटल धान बेचा है। इसमें गाताडीह समिति केंद्र में 32 ऐसे किसान शामिल हैं, जिन्होंने कोचियों और ओडीशा से कम कीमत में धान खरीद कर गाताडीह केंद्र में धान बेचा है।