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धान खरीदी केंद्रों पर उडऩदस्ता टीम रखेगी नजर

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रायगढ़
दैनिक भास्कर के द्वारा धान खरीदी केंद्रों में धांधली उजागर करने के बाद जिला प्रशासन सख्त रवैया अपनाया हुआ है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्याम धावड़े ने प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर सभी क्षेत्रों के लिए उडऩदस्ता टीम गठित कर दिया है, जो धान खरीदी केंद्रों में न सिर्फ नजर रखेंगे, बल्कि औचक निरीक्षण भी करेंगे।
जिले में समर्थन मूल्य पर 121 धान समिति केंद्रों में धान खरीदी जारी है। जिले के धान खरीदी केंद्रों में समिति प्रबंधकों की मिलीभगत से ओडीशा और कोचियों का धान खरीदा जा रहा था। यह खेल सबसे ज्यादा कोसीर क्षेत्र के छिंद और गाताडीह समिति केंद्र में चल रहा था। दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल कर खबर के माध्यम से धांधली उजागर किया तो जिला प्रशासन गंभीर हुआ और छिंद समिति केंद्र की जांच की। इसमें भारी अनियमितताएं उजागर हुई है। घपला उजागर होते ही कलेक्टर मुकेश बंसल गंभीर हो गए है। ओडीशा और कोचियों की धान खरीदने वाले समिति प्रबंधक को जहां हटा दिया है तो वहीं इस अवैध खेल को रोकने के लिए कड़ा निर्देश जारी कर दिए है। मंगलवार को अपर कलेक्टर श्याम धावड़े अनुविभागीय अधिकारियों, कृषि उप संचालक के साथ संबंधित अधिकारियों की एक बैठक ली। इसमें समर्थन मूल्य अंतर्गत धान खरीदी के सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवक धान के सत्यापन सहित धान खरीदी व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। साथ ही कलेक्टर के आदेश को कड़ाई से पालन करने भी कहा गया है। खरीफ विपणन 2013-14 अंतर्गत धान उपार्जन केंद्रों में बिचौलियों और दलालों द्वारा ओडीशा से धान लाकर विक्रय करने की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई करने कहा गया है। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम और कृषि उप संचालक को सभी धान खरीदी केंद्रों में निगरानी के लिए एक-एक योग्य पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की ड्यूटी लगाने कहा गया है। कलेक्टर मुकेश बंसल ने धान खरीदी केंद्रों में ड्यूटी लगाए गए अधिकारियों को यह भी निर्देश जारी किए गए है, कि वे रोजाना सोसायटी में आवक धान का कृषक वार विवरण भेजेंगे। इससे वे किसान धान नहीं बेच पाएंगे, जिनके पास कृषि रकबा भूमि नहीं होने के बाद भी हजारों क्विंटल धान कोचियों व दलालों से मिलकर बोनस का लाभ उठाने के लिए धान बेचते है। सभी किसानों के कृषि रकबा भूमि का पंजीयन जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। ऐसे में हर दिन धान खरीदने पर किसानों का विवरण जिला प्रशासन को मिलेगा तो इससे ओडीशा व कोचियों का धान खरीदने पर धांधली पर विराम लगेगा।



सत्यापन उपरांत ही होगा खरीदी

अपर कलेक्टर श्याम धावड़े ने जिले के सभी तहसीलदारों

को निर्देश जारी किया है। वे स्वयं अपने क्षेत्रांतर्गत आने वाले सभी धान खरीदी केंद्रों में 50 हजार रुपए से अधिक मात्रा में किए गए धान विक्रेता किसान का सत्यापन उपरांत ही समिति प्रबंधक को धान खरीदने की अनुमति दे। जिन धान खरीदी केंद्रों में वास्तविक किसान के अतिरिक्त किसी बिचौलिए या दलाल द्वारा धान बेचा जाना प्रमाणित होता है तो संबंधित समिति प्रबंधक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने सुनिश्चित करने कहा गया है। पटवारियों को निर्देशित किया गया है कि धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को ऋण पुस्तिका में उनके द्वारा प्रस्तुत रकबे के आधार पर धान उत्पादन के रकबे का सत्यापन अनिवार्य: करें ताकि वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी की जा सके। वहीं जिला प्रशासन द्वारा अपील की गई है कि किसान साफ-सुथरा एवं मानक स्तर के धान उपार्जन केंद्रों में लाने के लिए अपील किया है साथ ही किसी कोचिए या दलाल के चक्कर में नहीं पडऩे के लिए कहा गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में अपर कलेक्टर श्याम धावड़े ने दिए निर्देश, गड़बड़ी पाए जाने पर दोषी के खिलाफ होगी एफआईआर