सीखा पानी की गुणवत्ता जांचना
प्रशिक्षण में दिया जा रहा पेयजल स्त्रोत के पास सफाई रखने का संदेश
भास्कर न्यूज - रायगढ़
निर्मल भारत अभियान एवं राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम में स्कूलों के विद्यार्थियों को पानी की गुणवत्ता चेक करने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। इसके लिए जिले के नौ ब्लाकों के एक-एक हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रशिक्षण जारी है।
पेयजल गुणवत्ता निगरानी एवं अनुश्रवण विषय पर मास्टर ट्रेनर परीक्षण के विधियों को प्रायोगिक तौर पर 368 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। निर्मल भारत अभियान एवं राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत जिले के 9 ब्लाकों में शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जल गुणवत्ता मानक आईएस 10500 के आधार पर फील्ड टेस्ट के माध्यम से पेयजल के विभिन्न परीक्षण जिसमें रंग पीएच फ्लोराइड हार्डनेस टीडीएस, आयरन, ऑरसेनिक, नाईट्रेट, सल्फेट एवं जीवाणु परीक्षण की विधियों को प्रायोगिक तौर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सिखाया जा रहा है। पानी से होने वाली विभिन्न घातक बीमारियों के बारे में और पेयजल स्त्रोत के आसपास की साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की उपयोग का संदेश पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण जिले के प्रत्येक ब्लाक के एक-एक हायर सेकेंड्री स्कूलों में कराया जा रहा है। इन स्कूलों मे रायगढ़ ब्लाक से हायर सेकेण्डरी स्कूल धनांगर में 50 विद्यार्थियों को, खरसिया के हायर सेकेंड्री स्कूल मदनपुर में 57, पुसौर के हायर सेकेंड्री स्कूल कोड़ातराई में 35, घरघोड़ा के हायर सेकेंड्री स्कूल टेंडानावापारा में 28, तमनार के गवर्नमेंट कन्या स्कूल गोढ़ी में 26, सारंगढ़ के हायर सेकेंड्री स्कूल छिंद में 39, बरमकेला के हायर सेकेण्ड्री स्कूल झाल में 46, लैलूंगा के हायर सेकेंड्री स्कूल झगरपुर में 30 और विकास खण्ड धरमजयगढ़ के हायर सेकेंड्री स्कूल हाटी में 57 विद्यार्थी शामिल है। पीएचई विभाग के कर्मी ट्रेनिंग में सहयोग कर रहे हैं।