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पिता की अंत्येष्ठि में जा रहे बेटे की हादसे में मौत

7 वर्ष पहले
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रायगढ़।पिता की अंत्येष्ठि में शामिल होने के लिए पुणे से खडग़पुर लौट रहे युवक ने ट्रेन दुर्घटनाओं में पहले दोनों पैर गंवा दिए। अधिक खून बहने से इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद पीडि़त परिजनों को युवक का शव सौंप दिया है।

अहमदाबाद एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक युवा पैसेंजर का सफर अधूरा रह गया। मामला मंगलवार की सुबह का है। खड़कपुर स्थित बेनापुर निवासी 33 वर्षीय मलय सेन अपने पिता पुलीन सेन की मौत की खबर सुन घर लौट रहा था। पुणे की एक कंपनी में मजदूरी करने वाला मलय सोमवार को आनन-फानन में अपनी यात्रा शुरुआत की डायरेक्ट ट्रेन नहीं होने से मलय ने पुणे से नागपुर तक एक अन्य ट्रेन में यात्रा की। नागपुर से उसने डाउन अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस पकड़ ली। मंगलवार की सुबह ट्रेन के रायगढ़ पहुंचने के बाद मलय दूसरी ओर रेलवे ट्रैक पर किसी काम के लिए उतरा। इस बीच सामने से आ रही मालगाड़ी ने मलय को ठोकर मार दी। इससे उसके दोनों पांव कट गए। जीआरपी ने घायल यात्री को संजीवनी 108 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच पीडि़त से पूछताछ में उसके परिजनों का फोन नंबर पुलिस को मिला। जिसकी मदद से उसके परिजनों को मामले की जानकारी दी गई। हालांकि इलाज के दौरान यात्री ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद मृतक का शव उसके छोटे भाई प्रलय सेन व सरपंच शिव प्रसाद मलिक को सौंप दिया।



पिता की मौत भी ट्रेन दुर्घटना-मलय सेन के पिता की मौत भी ट्रेन की चपेट में आने से रविवार की शाम को हुई थी। इसकी खबर देर रात मिलने के बाद मलय खड़कपुर स्थित घर जाने के लिए पुणे से रवाना हुआ था। इससे सेन परिवार में 2 दिन के अंदर दो मौतें, ट्रेन हादसे में हुई। इससे पूरे घर में मातम का माहौल है।

रायगढ़ में हुआ अंतिम संस्कार -मलय, घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। पिता की मौत के बाद उसकी मौत ने पीडि़त परिजनों को इस कदर आर्थिक कमजोर कर दिया कि एंबुलेंस से शव को घर ले जाने के लिए उनके पास रुपए नहीं थे। इसलिए मृतक के छोटे भाई प्रलय व गांव के सरपंच शिव प्रसाद मलिक ने रायगढ़ स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। जो बुधवार की शाम तक पूरा हुआ।



पिता का अंतिम दर्शन भी नहीं कर सका

यूं तो मलय अपने पिता का शव देखने के लिए आनन-फानन में पुणे से खड़कपुर स्थित अपने घर को निकला था, लेकिन रास्ते में हुए ट्रेन हादसे ने उसके इस सपने को पूरा नहीं होने दिया। जिसे कहते-कहते मृतक का छोटा भाई प्रलय फफक-फफक कर रो पड़ता है। दो दिनों मे पहले पिता व बाद में बड़े भाई की चिता उठाने के बाद प्रलय अंदर से काफी टूट चुका है और बात करने की स्थिति मे नहीं था। बुधवार की देर शाम प्रलय अस्थि कलश लेकर अपने घर को रवाना हुआ।





हादसा - अहमदाबाद एक्सप्रेस से खडग़पुर स्थित घर लौट रहा था युवक