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सम्मान की रस्म अदायगी करने की तैयारी में जिला प्रशासन
भास्कर न्यूज - रायगढ़
साहसी बालक रंजन प्रधान को 10 महीने बाद भी पुरस्कार नहीं मिलने की खबर दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कलेक्टर के आदेश के बाद संबंधित अधिकारी तत्काल पुरस्कार देने की रस्म अदायगी करने की तैयारी में जुट गए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि कलेक्टर और सारंगढ़ के एसडीएम कह रहे हैं कि गुरुवार को उसे पुरस्कार दे दिया गया जबकि वीर बालक के पिता रंजन प्रधान ने भास्कर को बताया कि उसके बेटे को न तो पदक मिला है और न ही प्रमाणपत्र और राशि। बहरहाल २ फरवरी के बाद बरमकेला जनपद पंचायत में उसे पुरस्कार देने की संभावना है। सरिया थाने क्षेत्र के ग्राम भथाली निवासी रंजन प्रधान पिता कृष्णचंद प्रधान ((17 वर्ष)) भारत सरकार गृह मंत्रालय से जीवन रक्षा पुरस्कार के लिए नामांकित हुआ था। रंजन प्रधान 8 मई 2011 की दोपहर 3 बजे गांव में स्थित 35 से 40 फीट गहरे कुएं में डूब रहे एक 4 वर्षीय मासूम को बचाया था। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा उसका नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजा। उसकी साहसी वीरता का सम्मान करते हुए गृह मंत्रालय की ओर से 26 जनवरी 2012 को दिल्ली में तात्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के हाथों वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। गृह मंत्रालय द्वारा उसके साहस को देखते हुए पुन: एक बार वर्ष 2013 में भारत के 50 व छत्तीसगढ़ के 7 बच्चों का चयन जीवन रक्षा पदक के लिए किया गया। -शेष पेज 16
मई 2012 में उसके पास गृह मंत्रालय भारत सरकार के गृह सचिव का लेटर आया कि उसका नाम जीवन रक्षा बड़ा पदक, एक छोटा पदक, प्रमाण पत्र व 40 हजार रूपए नगद राशि के लिए नामांकित हुआ है। उसे पुरस्कृत करने के लिए छत्तीसगढ़ के गृह विभाग द्वारा जिला प्रशासन को पदक व नगद राशि की चेक दी गई थी। लेकिन रायगढ़ जिला प्रशासन के विभागीय कार्यो में इस कदर व्यस्त रहे कि उसे साहसी बालक को पुरस्कृत करने का समय ही नहीं मिल पाया। दैनिक भास्कर द्वारा वीर बालक को पुरस्कृत नहीं करने की खबर प्रकाशित की गई तो जिला प्रशासन उसे आनन-फानन में पुरस्कार देने की रस्म अदायगी करने में जुट गया। कलेक्टर मुकेश बंसल व सारंगढ़ एसडीएम कह रहे हैं कि वीर बालक को पुरस्कार दे दिया गया है। जबकि नामांकित छात्र वर्तमान में भिलाई में अध्ययनरत है। इसकी वजह से पुरस्कार उसे मिला ही नहीं है। 2 फरवरी को छात्र रंजन प्रधान अपने गृह ग्राम आएगा उसके बाद उसे जनपद पंचायत बरमकेला से सम्मानित करने की संभावना है।
॥मेरे पास फोन आया था मेरे पुत्र को लेकर आने के लिए कहा गया। लेकिन बेटा अभी में भिलाई में है। इसकी वजह से पुरस्कार हमें नहीं मिला है।
कृष्णचंद प्रधान, साहसी बालक का पिता
॥छात्र को मिलने वाली पदक व चेक राशि जनपद पंचायत बरमकेला में भिजवा दिया गया है आज उसे पुरस्कृत करने कहा गया है।
नीलेश महादेवन क्षीरसागर साहू, एसडीएम सारंगढ़
॥जीवन रक्षा पुरस्कार का पदक व चेक राशि सारंगढ़ एसडीएम को पुरस्कार देने के लिए भेज दिया गया है। आज उसे मिल गया है।
मुकेश बंसल, कलेक्टर रायगढ़
पुरस्कार मिला ही नहीं और कलेक्टर व एसडीएम कह रहे कर दिया पुरस्कृत