राइसमिलरों को बचाने में जुटा प्रशासन
भास्कर न्यूज - रायगढ़
जिले के 14 राइस मिल संचालकों के खिलाफ कलेक्टर ने शो कॉज नोटिस जारी करने के साथ ही एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन अब तक इन राइस मिलरों का नाम सारंगढ़ पुलिस के पास नहीं पहुंचा है। जिलाधीश के आदेश के बाद भी राइस मिलरों का प्रशासनिक अधिकारी ही रहनुमा बन रहे हैं। इसके चलते अब तक इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुआ।
छिंद व गाताडीह समिति केंद्र में न सिर्फ ओडीशा का धान खरीदा जा रहा था, बल्कि ऐसे किसानों का भी हजारों क्विंटल धान खरीदा गया था। दैनिक भास्कर द्वारा मामला उजागर करते हुए जिला प्रशासन हरकत में आते हुए गाताडीह व छिंद धान खरीदी केंद्र की सारंगढ़ एसडीएम व खाद्य विभाग की टीम द्वारा जांच की गई। इसमें वहीं बात सामने आई जैसा दैनिक भास्कर द्वारा बताया गया। साथ ही जिले के 14 ऐसे राइस मिलों का नाम सामने आया जिनके द्वारा डीईओ कटने के बाद भी धान का उठाव नहीं किया गया और उसी धान को समिति प्रबंधक को ही 50 रुपए अधिक रेट से बेच दिया था। कस्टम मिलिंग में फर्जीवाड़ा उजागर होते ही सारंगढ़ एसडीएम द्वारा जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा गया। जिस पर जिलाधीश ने राइस मिलों के खिलाफ शो कॉज नोटिस जारी करने के साथ ही उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुआ है। सारंगढ़ पुलिस का कहना है कि उन्हें मात्र 4 लोगों का नाम मिला था जिनके खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया गया है। अब तक राइस मिलरों का नाम ही नहीं मिला है। नाम आने के बाद खाद्य विभाग व संबंधित अधिकारियों का बयान दर्ज किया जाएगा उसके बाद जुर्म दर्ज होगा। कलेक्टर के निर्देश के बाद भी कुछ प्रशासनिक अधिकारी इन राइस मिलरों का रहनुमा बन रहे हैं इसके चलते अब तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस को नहीं मिला है राइस मिलों का नाम
सारंगढ़ एसडीएम द्वारा 15 राइस मिलों का प्रतिवेदन बनाया गया था। इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपा गया था। इसके बाद 14 राइस मिलों को ही कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। जिनके पास एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन सारंगढ़ थाना प्रभारी गोपाल धुर्वे ने बताया कि उनको चार के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज करने का प्रतिवेदन मिला है। बाकी राइस मिलों का नाम नहीं मिला है। पुलिस खाद्य विभाग की बयान लेने के साथ ही संबंधित अधिकारियों का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ही जुर्म दर्ज होगा।
इन पर एफआईआर दर्ज करने के दिए थे निर्देश
बांके बिहारी राइसमिल रायगढ़, सांई बाबा राइस मिल रायगढ़, कृष्णा राइस मिल रायगढ़, आकांक्षा राइसमिल रायगढ़, श्री सांई राम राइस मिल रायगढ़, एल एन राइस मिल रायगढ़, रायगढ़ फूड राइस मिल रायगढ़, बैद्यनाथ पैडी राइस मिल रायगढ़, पुरुषोत्तम राइस मिल सारंगढ़, मां चंद्रहासिनी राइस मिल सारंगढ़, मां लक्ष्मी राइस मिल सारंगढ़, मां संतोषी राइस मिल सारंगढ़, हनुमान ट्रेडिंग कंपनी सारंगढ़, शोभा राइस मिल खरसिया
दैनिक भास्कर में प्रकाशित हुई खबर
लापरवाही - पुलिस को नहीं मिला राइसमिल संचालकों का नाम