परोपकार ही सबसे उत्तम मोक्ष मार्ग
जांजगीर। दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर तुलसी भवन के सामने श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 15 जनवरी से किया जा रहा है। बाल व्यास पं. संदीप द्वारा संगीतमय कथा का वाचन किया जा रहा है। कथा के छठवें दिन आचार्य ने एकादशी व्रत की महिमा बताई। उन्होंने राम जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि संतो की शरण में जाने से मनुष्य के सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं। सतकर्म से प्रत्येक मनुष्य गोविंद की प्राप्ति कर सकता है। आचार्य ने कहा कि मनुष्य के लिए परोपकार ही सबसे उत्तम मोक्ष मार्ग है। भगवान राम के जन्म से लेकर परलोक गमन तक के चरित्र का वर्णन करते हुए उनके पूर्वजों की वचन पालन की कथा सुनाई। आचार्य ने कहा कि भगवान राम की तरह लोगों को मर्यादा से कार्य कराना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कृष्ण जन्म उत्सव का चित्रण किया। इसके पूर्व आचार्य ने पुराण महिमा, गौकर्ण प्रसंग, देवहूति प्रसंग, सती प्रसंग, ध्रुव चरित्र, अजामिल प्रसंग, प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार की कथा सुनाई। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6.30 बजे तक चल रही है।
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