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सुरक्षा बलों के पहुंचने से पहले निकल भागे बुधराम व मंगल

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - जशपुरनगर
एक बार फिर पीएलएफआई ((पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया)) के कमांडर बुधराम उरांव और मंगल नगेसिया पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। सुरक्षा बलों के पहुंचने के पहले ही वह क्षेत्र छोड़कर निकल भागा। पुलिस खाली हाथ लौटी।पीएलएफआई के कमांडर बुधराम व मंगल नगेसिया जशपुर एवं गुमला पुलिस के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है।
पिछले कई सालों से पुलिस बुधराम के पीछे पड़ी हुई है, लेकिन हर समय पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।बताया जाता है कि गुरूवार की रात बुधराम और मंगल नगेसिया के दस्ते के बीच आपसी मुठभेड़ हुआ है। शुक्रवार को एक बार फिर मंगल और बुधराम ने पुलिस को चकमा देकर अपने दस्ते के साथ भाग निकले । दोनों नक्सली आरा चौकी क्षेत्र के जंगल में आपस में मुठभेड़ कर रहे इस बात की पुलिस को विश्वस्त सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत अलग-अलग तीन टीम बनाकर गांव की घेराबंदी की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों ही अपने दस्ते के साथ निकल गए। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरा क्षेत्र में मंगल और बुधराम दोनों के दस्ते गुरूवार को घूम रहे थे पुलिस को सूचना मिलते ही एसपी जीएस मीणा ने तत्काल पुलिस फोर्स को आरा के जंगलों के लिए रवाना कर दिया।इसके अलावा सीआरपीएफ की कंपनी भी थी, जो अलग-अलग ग्रुप में चल रही थी। पुलिस गांव पहुंची, लेकिन उसके पहले दोनों के दस्ते क्षेत्र को छोड़कर फरार हो गया था। जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आरा क्षेत्र में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है।



नक्सली हलचल - पुलिस के साथ सीआरपीएफ ने की थी घेराबंदी

बुधराम रायडीह थाना क्षेत्र के काटासारु गांव का रहने वाला है।दो वर्ष पूर्व उसकी मां की कुछ लोगों ने हत्या कर दिया था। जिसकी रिपोर्ट बुधराम ने पुलिस को दी थी।लेकिन झारखंड पुलिस ने इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की थी।पुलिस के रवैये से परेशान होकर बुधराम ने दो वर्ष पूर्व खुद ही हथियार उठा लिया और संगठन में शामि ल हो गया था।बुधराम के खिलाफ जशपुर, गुमला, रायडीह सहित अन्य थानों में कई हत्या के केस, पुलिस को मारने, लेवी वसूलने, वाहन जलाने के मामले दर्ज हैं। वह अंतरराज्यीय नक्सली है। छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य की पुलिस उसे ढूंढ रही है। मंगल नगेशिया पूर्व में एमसीसी माओवादी संगठन में था। संगठन मे कुछ विवाद होने पर उसने अपना अलग दस्ता बना लिया। करीब 2005 में उसने झारखंड के गुड़मा गांव में 9 लोगों को जिंदा जलाया था। इसके बाद संगठन से कुछ विवाद होने पर वह दिनेश गोप के द्वारा बनाए गए संगठन पीएलएफआई में शामिल हो गया। वर्तमान में मंगल ने पीएलएफआई से अलग होकर अपना दस्ता तैयार कर लिया है। मंगल के खिलाफ जशपुर, गुमला, रायडीह सहित अन्य थानों में 30 से अधिक हत्या के केस, पुलिस को मारने, लेवी वसूलने, वाहन जलाने के मामले दर्ज हैं। वह अंतरराज्यीय नक्सली है। छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य की पुलिस उसे ढूंढ रही है।



कौन है मंगल और बुधराम



॥पुलिस को बुधराम और मंगल नगेसिया के आने की सूचना मिली थी ।रात में पुलिस ने घेराबंदी की थी।लेकिन अंधेरा का फायदा उठा कर वे भाग निकले।सर्चिंग लगातार जारी है।

जेएस मीणा, एसपी

आपस में हुई मुठभेड़

ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगल नगेसिया और बुधराम का दस्ता गुरूवार की रात को आरा क्षेत्र के जंगलों में पंहुचे थे।वहीं इन दोनों दस्ते के बीच में आपसी मुठभेड़ भी हुआ है। हालांकि जिले की पुलिस मुठभेड़ होने की बात से साफ इंकार कर रही है।मंगल और बुधराम दोनों एक दूसरे के दुश्मन है और दोनों की एक दूसरे से बदला लेने के लिए आरा क्षेत्र में पंहुचे थे।कुछ दिनों पूर्व ही मंगल नगेसिया ने बुधराम के दो लोगों की हत्या कर दी थी। जिसमें बुधराम बाल-बाल बच गया था। इन दोनों दस्तों के बीच में कई बार आपसी मुठभेड़ हो चुका है।



बुधराम रायडीह थाना क्षेत्र के काटासारु गांव का रहने वाला है।दो वर्ष पूर्व उसकी मां की कुछ लोगों ने हत्या कर दिया था। जिसकी रिपोर्ट बुधराम ने पुलिस को दी थी।लेकिन झारखंड पुलिस ने इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की थी।पुलिस के रवैये से परेशान होकर बुधराम ने दो वर्ष पूर्व खुद ही हथियार उठा लिया और संगठन में शामि ल हो गया था।बुधराम के खिलाफ जशपुर, गुमला, रायडीह सहित अन्य थानों में कई हत्या के केस, पुलिस को मारने, लेवी वसूलने, वाहन जलाने के मामले दर्ज हैं। वह अंतरराज्यीय नक्सली है। छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य की पुलिस उसे ढूंढ रही है। मंगल नगेशिया पूर्व में एमसीसी माओवादी संगठन में था। संगठन मे कुछ विवाद होने पर उसने अपना अलग दस्ता बना लिया। करीब 2005 में उसने झारखंड के गुड़मा गांव में 9 लोगों को जिंदा जलाया था। इसके बाद संगठन से कुछ विवाद होने पर वह दिनेश गोप के द्वारा बनाए गए संगठन पीएलएफआई में शामिल हो गया। वर्तमान में मंगल ने पीएलएफआई से अलग होकर अपना दस्ता तैयार कर लिया है। मंगल के खिलाफ जशपुर, गुमला, रायडीह सहित अन्य थानों में 30 से अधिक हत्या के केस, पुलिस को मारने, लेवी वसूलने, वाहन जलाने के मामले दर्ज हैं। वह अंतरराज्यीय नक्सली है। छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य की पुलिस उसे ढूंढ रही है।