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समिति में बिका धान व्यापारी ने खरीदा

8 वर्ष पहले
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ञ्च150 कट्टी धान सहित ट्रैक्टर जब्त, एएफओ की टीम ने ड्राइवर के घर में पकड़ा।
भास्कर न्यूज - जांजगीर
समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान को फिर से व्यापारी के पास बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। पिसौद का व्यापारी दादूराम साहू बिलासपुर जिला के सीपत प्राथमिक सहकारी समिति से 150 कट्टा धान खरीद कर ले आया और उसे दूसरी समिति में खपाने के लिए अपने ड्राइवर के घर ट्रैक्टर में रखा था। खाद्य विभाग के अधिकारियों की नजर सरकारी बारदाने में भरे धान की बोरियों पर पड़ी तो व्यापारी पकड़ा गया। उसने अधिकारियों के सामने स्वीकार कर लिया है कि समिति से समर्थन मूल्य के धान को खरीदा है, जिसे वह पिसौद समिति में बेचने वाला था।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बिचौलियों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। अभी तक जिले के व्यवसायी ही अपने धान को अन्य ब्लॉक के उपार्जन केंद्र में खपाते पकड़े जाते थे। अब दूसरे जिले से भी धान जिले के खरीदी केंद्रों में खपाए जा रहे हैं। लगातार जांच और कार्रवाई के बाद भी बिचौलियों के हौसले बुलंद हैं। शुक्रवार को खाद्य विभाग की टीम ने जर्वे ((चांपा)) के एक घर में सरकारी बारदान से भरे ट्रैक्टर को महावीर कश्यप के घर के पास खड़ा देखा। ट्रैक्टर में सरकारी धान देखकर अधिकारियों को शंका हुई तो उन्होंने धान की जानकारी ली। महावीर कश्यप ने अधिकारियों को बताया कि उसने 150 कट्टी ((60 क्विंटल)) धान बिलासपुर जिला के सीपत प्राथमिक सहकारी समिति से उठाया है, जिसे व्यापारी दादूराम साहू ने खरीदा था। उसने अपने आपको ट्रैक्टर ड्राइवर बताते हुए धान बेचने के लिए पिसौद समिति ले जाने के लिए दादूराम द्वारा दिए जाने की बात कही। अधिकारियों ने धान से भरे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। जब्त ट्रैक्टर को जांजगीर कोतवाली थाना में रखा गया है। व्यापारी दादूराम साहू ने अधिकारियों के सामने माना है कि उसने धान सीपत की समिति से खरीदा है। खाद्य विभाग के अधिकारी शाम तक विवेचना कर रहे थे।



पकड़ाया - सीपत समिति में बिका धान खरीदकर बेचने लाया गया था जर्वे

इस मामले में व्यापारी दादूराम साहू जितना कसूरवार है, उतना ही सीपत उपार्जन केंद्र का खरीदी प्रभारी भी है। उसने किस हैसियत से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान को व्यापारी को बेचा यह जांच का विषय है। समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान की केवल कस्टम मिलिंग ही की जाती है। यदि धान को बाहर भेजा भी जाएगा तो या तो वह बिलासपुर के किसी राइस मिल में जाएगा अथवा वहां के संग्रहण केंद्र में। इस मामले में सीपत समिति का खरीदी प्रभारी भी दोषी है।



॥सीपत समिति में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान को जर्वे((चांपा)) में महावीर कश्यप के घर से जब्त किया गया है। धान को व्यापारी दादूराम साहू ने खरीदा था जिसे बेचने के लिए रखा था। दादूराम ने माना है कि उसने धान दूसरी समिति में बेचने के लिए रखा था।

राजेश शर्मा, सहायक खाद्य अधिकारी जांजगीर

इस मामले में व्यापारी दादूराम साहू जितना कसूरवार है, उतना ही सीपत उपार्जन केंद्र का खरीदी प्रभारी भी है। उसने किस हैसियत से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान को व्यापारी को बेचा यह जांच का विषय है। समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान की केवल कस्टम मिलिंग ही की जाती है। यदि धान को बाहर भेजा भी जाएगा तो या तो वह बिलासपुर के किसी राइस मिल में जाएगा अथवा वहां के संग्रहण केंद्र में। इस मामले में सीपत समिति का खरीदी प्रभारी भी दोषी है।



आखिर उपार्जन केंद्र से धान निकला कैसे



थाने में धान से भरा ट्रैक्टर



सब खरीदते हैं मैं भी खरीदा

व्यापारी दादूराम साहू का कहना है कि दो पैसा कमाने के लिए सभी व्यापारी धान खरीदते हैं मैं भी खरीदा हूं। उसने बताया कि यहां का धान खरीदने पर भी वही अपराध है, दूसरे जिले का भी धान खरीदने पर वही जुर्म इसलिए वहां से खरीद रहा है।

पहले भी पकड़ा गया है धान

धान की अफरा तफरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी खाद्य विभाग के अधिकारियों ने पोंडी में गोधना के व्यापारी का 55 बोरा, भैंसमुड़ी में 120 बोरा, तिलई में 150 बोरा, डभरा में 200 बोरा, सक्ती में 100 बोरा और जैजैपुर में 150 बोरा धान पकड़ा है।