जशपुर का जांबाज होगा सम्मानित
भास्कर न्यूज.जशपुरनगर
छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव की बात है कि उसके एक बहादुर बच्चे को इस साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जा रहा है। छोटी सी उम्र में अपने दोस्त की जान बचाने की खातिर खुद की जिंदगी को दांव पर लगा देने वाले इस बच्चे को देश की राजधानी दिल्ली में वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कुत्ते से डर कर भागा तो 40 फीट गहरे कुआं में गिरकर जिंदगी के लिए संघर्ष करने लगा। आवाज सुनकर दोस्त ने लगा दी मौत के कुएं में छलांग। 20 मिनट के संघर्ष के बाद अपने दोस्त को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। दोस्त को बचाने वाले इस बच्चे की बहादुरी के चर्चे आम हो गई। बचाने वाला 13 वर्षीय अभिषेक एक आदिवासी मजदूर का पुत्र है। 13 वर्षीय मजदूर के बच्चे ने अपने दोस्त के लिए जान की परवाह न करते हुए 40 कुएं में कूद गया। -शेष पेज 1८
ो बचा लिया। 18 नवंबर 2012 को कांसाबेल के व्यवसायी सतीश अग्रवाल का 13 वर्षीय पुत्र हिमांशु अपना प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए अपने दोस्त प्रियांशु के साथ अपने सहपाठी दोस्त अभिषेक एक्का के घर गया हुआ था। अभिषेक के घर में तीनों दोस्त मिल कर प्रोजेक्ट तैयार कर रहे थे। कुछ समय बाद हिमांशु किसी कारण से घर के बाहर निकला तो बाहर खड़ा कुत्ता उसे देख भौंकने लगा। हिमांशु कुत्ता से डर कर पीछे की ओर भागने लगा। उसे डर था कि कहीं कुत्ता उसे काट ना ले। हिमांशु सामने देखते हुए पीछे की ओर बचने के लिए भाग रहा था। उसे नहीं मालूम था कि पीछे 40 फिट गहरा कुआं है। भागते वक्त वह सीधे कुआं में जा गिरा और जिंदगी के लिए संघर्ष करने लगा। हिमांशु को तैरना नहीं आता था। फिर भी वह जान बचाने के लिए हाथ पांव मार रहा था। गिरने के दौरान उसका पैर भी फ्रेक्चर हो गया था। मौत को सामने देख कर जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा था। घर में बैठे प्रियांशु उर्फ चीकू पिता मनोज अग्रवाल और अभिषेक आपस में चर्चा कर रहे थे। उसी समय पास के कुआं में कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। अभिषेक को शक हो गया कि कहीं कुआं में कुत्ता न गिर गया हो वह दौड़ लगाकर जब कुआं के पास आया तो देखा की उसका दोस्त हिमांशु कुआं में डूब रहा है। उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए कुआं में कूद पड़ा और 20 मिनट के संघर्ष के बाद अपने दोस्त को कुआं से बाहर निकालने में कामयाब हो गया। अभिषेक ने बताया कि कुआं में अपने दोस्त को गिरे हुए देख कर उसे सिर्फ यहीं सुझा की उसे कैसे बचाया जाए। उस समय हिमांशु के सिर के बाल और हाथ नजर आ रहे थे। अपने दोस्त को कुआं में गिरे हुए देखकर सीधे कुआं में कूद पड़ा और उसे पानी से बाहर निकाला। अभिषेक ने बताया कि कुएं में 26 फिट पानी था वह भी ठंडा। कुआं से बाहर निकलने के बाद हिमांशु डर से सहमा हुआ था और ठंड से कांप रहा था। उसके बाद अभिषेक से उसे अपने कपड़े दिए। उसके बाद दोनों दोस्त आपस में गले मिल कर रो पड़े थे।
ब्लैक शर्ट: कुएं में गिरे घायल छात्र के साथ अभिषेक।
देश की राजधानी में
होगा सम्मानित
अभिषेक को पिछले वर्ष राजधानी रायपुर में 26 जनवरी को उसकी बहादुरी के लिए मुख्यमंत्री ने उसे सम्मानित किया था। इस बार 26 जनवरी में देश के बहादुर बच्चों की श्रेणी में अभिषेक का भी नाम दर्ज हो गया और उसे सम्मानित करने के लिए दिल्ली से बुलावा भी आया। अभिषेक दिल्ली में सम्मानित होने के लिए अपने पिता के साथ कांसाबेल से रवाना भी हो गया है। उसके इस उपलब्धि पर जिले सहित पूरा राज्य गौरवांवित होगा।
भास्कर की खोज फिर रंग लाई
दैनिक भास्कर ने इससे पूर्व जिले के जाबांज गजेंद्र राम को एवं अभिषेक एक्का के साहस भरे कार्य की खबरें प्रमुखता से उठाई थी जिसके बाद जिले में इन्हें सम्मानित करने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। जाबांज गजेंद्र को पिछले वर्ष दिल्ली में संजय चोपड़ा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं इस वर्ष अभिषेक को भी पुरस्कृत होने का अवसर प्राप्त हुआ है।
दोस्त को बचाने की खातिर कूदा था ४० फिट गहरे कुएं में
बहादुरी का पुरस्कार