अविश्वास की हुई जीत, छीनी कुर्सी
जांजगीर.नगर पंचायत चंद्रपुर के अध्यक्ष की कुर्सी राइट फॉर रिकॉल में छिन गई। मतगणना में 50 प्रतिशत से अधिक वोट खाली कुर्सी को मिलने पर 25 जनवरी को फैसला हुआ। चंद्रपुर नगर पंचायत अध्यक्ष अमृता देवांगन को वापस बुलाने के लिए पार्षदों ने कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी को आवेदन किया था। अनियमितता व मनमानी का आरोप लगाते हुए राइट फॉर रिकॉल का आवेदन दिया गया था। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित तिथि 23 जनवरी को मतदान हुआ। राइट फॉर रिकॉल के लिए हुए मतदान में 2468 वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया। शाम को पेटी सील कर स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया। शनिवार 25 जनवरी को मतगणना हुई। सुबह 9 बजे नया नगर पंचायत भवन में मतगणना का काम शुरू हुआ। एसडीएम आशीष टिकरिया, तहसीलदार अतुल शेटे और नपं सीएमओ मोतीचंद जैन की मौजूदगी में मत पेटी खोली गई। वोटों की गिनती करने पर 49 मत अवैध मिले। खाली कुर्सी के पक्ष में 1350 तो अध्यक्ष के पक्ष में 1085 वोट पड़े। इस तरह कुल वैध मतों का 50 प्रतिशत से अधिक खाली कुर्सी के पक्ष में पडऩे से राइट फॉर रिकॉल में अध्यक्ष को अपने पद से हाथ धोना पड़ा।
रिकॉल में हटने का पहला मामला
जिले में वोट फॉर रिकॉल का चुनाव वैसे से दूसरी बार हुआ लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के पद से हटने का पहला मामला है। इससे पहले नगर पंचायत सारागांव के अध्यक्ष पार्वती सहिस के खिलाफ रिकॉल के लिए मतदान हो चुका है। पार्वती सहिस के खिलाफ कुल मतदान का पचास प्रतिशत वोट नहीं पडऩे के कारण वह अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही थी। इस बार अमृता देवांगन अपनी कुर्सी नहीं बचा सकी।