शासन ने रोके विकास कार्यों के 1 करोड़
भास्कर न्यूज - जांजगीर
जनसमस्या को दूर करने एक करोड़ का फंड नगरपालिका को मिला था, लेकिन सारे कार्यों पर रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि नगर पालिका की लापरवाही से काम शुरू नहीं हुए, जिसके कारण ही शासन ने नगर सुराज के सारे कार्यों पर रोक लगा दी है। शहर के 21 वार्डों की हालत बेहद खराब है। सड़कों की तो दुर्गति हो गई। गड्ढों के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। नालियां क्षतिग्रस्त हो गई है। गंदा पानी मार्ग में ही बहते रहता है।
समस्याओं को दूर करने वार्डवासी सालों से मांग कर रहे हैं। ले देकर नगर सुराज के तहत समस्याओं का समाधान होने की बात कही गई थी, लेकिन पालिका की लापरवाही से बदहाली बनी रहेगी। शासन से जनसमस्याओं को दूर करने शहर के सभी 21 वार्ड में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए एक करोड़ मंजूर किए थे। समय पर कार्य शुरू नहीं हुए, जिसके कारण शासन ने कार्यों पर रोक लगा दी है। इधर पालिका का कहना है कि पहले विधानसभा चुनाव के आचार संहिता के कारण काम नहीं हो सका। चुनाव के बाद अब शासन के पास बजट नहीं है। इसी पैसे से शहर में दो जगह कचहरी चौक व नैला में यूरिनल भी बनना था।
दो से पांच लाख का होना था काम
नपा के इंजीनियर डीएल सिदार ने बताया कि शहर के 21 वार्डों में नाली, सीसी रोड, दो यूरिनल, पंप हाऊस सहित अन्य छोटा काम शामिल था। हर वार्ड में नाली व सीसी रोड के लिए 2 से 5 लाख की स्वीकृति मिली थी। सही समय में काम नहीं होने से अब शासन ने बजट का अभाव बताते हुए इस पर रोक लगा दी है।
अध्यक्ष व सीएमओ हैं दोषी
नेता प्रतिपक्ष धर्मेंद्र राणा का कहना है कि सीएमओ एवं नपाध्यक्ष समय पर काम शुरू नहीं करा पाए, जिसके कारण शासन ने काम रुकवाकर राशि वापस मंगा ली। काम कराने में पालिका ने दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसके चलते जनसमस्या फिर हावी रहेंगी। सीएमओ व अध्यक्ष की कमजोरी से इतनी बड़ी राशि का उपयोग नहीं किया जा सका।
रोकने का मिला है आदेश
॥नगर सुराज के तहत होने वाले कार्य को रोकने का आदेश आया है। इसके अंतर्गत जनसमस्याओं से संबंधित कार्य होते। नाली, सड़क मुख्य रूप से बनते। पालिका की कोई लापरवाही नहीं है। शासन ने ही काम पर रोक लगाई है।
अरूण कुमार शर्मा, सीएमओ नगरपालिका
बजट का अभाव
सीसी रोड और नालियों के लिए मिली थी मंजूरी, नगर सुराज के तहत स्वीकृत हुई थी राशि