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महंत में निपटाई गई ग्रामीणों की समस्याजनसमस्या निवारण शिविर में शिशु संरक्षण माह की शुरूआत, मौके पर ही 86 प्रकरणों का किया गया निराकरण।
भास्कर न्यूज - जांजगीर
विकासखंड नवागढ़ के ग्राम महंत में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सूरज व्यास कश्यप ने तीन बच्चों को विटामिन-ए की दवा पिलाकर शिशु संरक्षण माह की शुरूआत की। शिविर में प्राप्त 173 आवेदनों में से 86 का मौके पर ही निराकरण किया गया।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सूरज व्यास कश्यप ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या का निवारण करने के लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शिविर में शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और अपनी समस्याओं का निराकरण कराने की बात कही। श्रीमती कश्यप ने ग्रामीणों से किसी भी प्रकार का नशा न करने की अपील भी की। अपर कलेक्टर एसके शर्मा ने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन योजनाओं की समीक्षा और जानकारी के लिए किया जा रहा है। शिविर में विभागीय योजनाओं की प्रगति का परीक्षण भी होता है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और किसानों की मांग पर ग्रीष्मकालीन धान की खेती के लिए नहरों में पानी छोड़ा गया है। किसान इस पानी का उपयोग कर अधिक से अधिक फसल का उत्पादन करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिविर स्थल पर ही अधिक से अधिक आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सदस्य दिनेश शर्मा ने कहा कि देश-प्रदेश के विकास में योगदान देना हम सभी की जिम्मेदारी है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के गरीबों को मिलना चाहिए। जागरूक रहने से योजनाओं की जानकारी पात्र व्यक्तियों को देकर उन्हें लाभ दिलाया जार सकता है। सांसद प्रतिनिधि व्यास कश्यप ने कहा कि जिले के प्रगति में रबी फसल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
ग्रीष्मकालीन फसल के लिए दिए जा रहे पानी का अधिक से अधिक उपयोग कर किसान आर्थिक रूप से संपन्न बने। देवेश सिंह ने शिविर को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 1998 में इसी मंच से किसानों के हित में महंत चार्टर की परिकल्पना की गई। उन्होंने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती वृंदा बाई दिनकर, जनपद सदस्य श्रीमती बद्रिका बाई, सरपंच श्रीमती माना बाई सहित त्रिस्तरीय पंचायतों के प्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित थे।
अधिकारियों ने दी जानकारी-शिविर में अधिकारियों ने अपने- अपने विभाग के योजनाओं की जानकारी दी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि हैंडपंप की शिकायतों का निराकरण 15 दिन में कर लिया जाएगा। पुलिस विभाग के अधिकारी ने बताया कि आपदा की स्थिति में पुलिस की मदद के लिए जिले में मोबाइल वेन का संचालन किया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस की सहायता सूचना देने वाले को तत्काल उपलब्ध कराया जाता है। चाइल्ड हेल्प केयर के लिए टोल फ्री नंबर 1098 और महिलाओं के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1091 के बारे में जानकारी दी गई। जनपद पंचायत सीईओ ने बताया कि विकासखंड में 13 और 14 फरवरी को नि:शक्तजन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में पात्र हितग्राहियों को शासन की योजना के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण कर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
शिविर के बाद आवश्यक उपकरण भी दिए जाएंगे।
शिविर - जनसमस्या निवारण में शिशु संरक्षण माह की शुरुआत, ८६ आवेदन का मौके पर निराकरण
किसान को स्प्रेयर पंप देते अतिथि।
योजनाओं का मिला लाभ
जनसमस्या निवारण शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित बिहान योजना में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तीन समूहों सत्य सांई बिस्वा महिला स्व-सहायता समूह ग्राम सेमरा, आनंद महिला स्व-सहायता समूह अरविंद और महिमा महिला स्व-सहायता समूह बुड़ेना को स्वरोजगार के लिए दो-दो लाख रुपए का स्वीकृति पत्र दिया गया। राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत अवरीद की कमला बाई और भड़ेसर की दुखिन बाई को 20-20 हजार की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा संचालित योजना के तहत दस किसानों को पचास प्रतिशत अनुदान पर स्प्रेयर पंप, उद्यान विभाग द्वारा चार किसानों को सब्जी बीज मिनीकिट का वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजना के तहत बारह गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बारह बच्चों का अन्नप्रासन संस्कार कराया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में 227 रोगियों का उपचार किया गया। दो नि:शक्तजनों का नि:शक्तता प्रमाण पत्र बनाया गया। आयुर्वेद विभाग द्वारा 252 रोगियों का उपचार किया गया।
किसान को स्प्रेयर पंप देते अतिथि।