शुरू होगी दत्तक पुत्री सुपोषण योजना
भास्कर न्यूज - जशपुरनगर
राज्य शासन के द्वारा छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त राज्य बनाये जाने का संकल्प लिया गया है। इस हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2015 तक कुपोषण की दर तीव्र गति से कमी लाते हुए इसे 30 प्रतिशत से भी नीचे लाया जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
छत्तीसगढ में कुपोषित बालको की तुलना में कुपोषित बालिकाओं की संख्या अधिक है, इसे देखते हुए प्रचलित दत्तक पुत्री शिक्षा योजना के स्वरूप में परिवर्तन करते हुए दत्तक पुत्री सु पोषण योजना प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया है। दत्तक पुत्री सु पोषण योजना समुदाय के सहयोग से कुपोषित बालिकाओं को लक्षित करते हुए सुपोषित किये जाने का प्रयास है।
इस योजना का उद्देश्य 0-5 वर्ष के आयुवर्ग की बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना और उन्हें औपचारिक शिक्षा के लिये तैयार करना, बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के संबंध में परिवार को जागरूक करना है। उनकी क्षमता बढ़ाना खासकर परिवार व समाज स्तर पर लैंगिक भेदभाव को शून्य करने का प्रयास करना। शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास के सभी अवसर उपलब्ध कराना एवं 0-5 वर्ष तक की बालिकाओं पर प्रयास केन्द्रित करना जो वजन अनुसार मध्यम, गंभीर अथवा अति-गंभीर रूप से कुपोषित हैं।इस योजना के तहत चयनित सु पोषण पुत्रियों का दत्तक सभी शासकीय कर्मचारी, पंचायत पदाधिकारी, क्षेत्र के उद्योग पित, व्यवसायी, महिला स्व-सहायता समूह, महिला मंडल स्वैच्छिक संगठन, कार्पोरेट संस्थाओं एवं ग्राम के वित्तीय रूप से सुदृढ़ ग्राम वासियों द्वारा दत्तक लिया जा सकता है। इच्छुक व्यक्ति या संस्था द्वारा ली गई सु पोषण पुत्री-पुत्रियों को एक वर्ष तक की अवधि हेतु सतत् सहायता प्रदान किया जाएगा। इस अवधि का निर्धारण सहायता प्रदान करने की प्रथम तिथि से किया जाएगा। आंगन बाड़ी कार्यकर्ता केन्द्र में पृथक से दत्तक सु पोषण पुत्री योजना का संधारण करेंगी। दत्तक लेने वाले पालक का दायित्व होगा कि चह निर्धारित नौ माह से एक वर्ष तक की अवधि में हर संभव प्रयास कर उस गंभीर कुपोषित बालिका को कुपोषण से बाहर लाये। इस हेतु दत्तक लेने वाले पालक न्यूनतम पांच सौ रुपये का आर्थिक सहयोग उस बालिका हेतु देगा। सहायता के रूप में नगद राशि अथवा बालिका को पौष्टिक आहार, उनकी बाड़ी में लगाने हेतु हरी भाजियों के बीज, चिकित्सकीय परामर्श सहायता, स्वच्छता हेतु सामग्रियां, पोषण पुनर्वास केन्द्र से लाभ दिलाने हेतु परामर्श सेवा अथवा पोषण स्तर को बढ़ाने हेतु अन्य सुविधाएं दी जा सकेगी।
राज्य सरकार द्वारा लिया गया निर्णय, कुपोषण मुक्त राज्य बनाने का लिया संकल्प