ऐसे काम करेगा एनआरसी
एनआरसी को विभाग ने एक नए प्रयोग के तौर पर शुरू करना था। इस वार्ड में दाखिल बच्चों को पोषाहार तो दिया ही जाएगा, वार्ड की दीवारों पर मिक्की माउस, छोटा भीम, टॉम एंड जैरी, माईटी राजू जैसे कार्टून बनाए जाएंगे। नेशनल रूरल हेल्थ मिशन ((एनआरएचएम)) अम्बाला, पंचकूला व करनाल में इसे पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्ल गगनजोत सिंह का कहना है कि बच्चों के स्वस्थ होने के बाद भी नियमित चेक किया जाएगा।